20 साल बाद मंदिर को लौटाए भगवान के सोने-चांदी के आभूषण, ग्रामीणों की मौजूदगी में पुजारियों को सौंपे
धनोप। धनोप स्थित कल्याण धणी मंदिर से जुड़ा करीब 20 साल पुराना मामला शुक्रवार को उस समय समाप्त हुआ, जब भगवान के सोने-चांदी के आभूषण ग्रामीणों की मौजूदगी में मंदिर के पुजारियों को सौंप दिए गए। राजेंद्र आगीवाल ने लंबे समय से सुरक्षित रखे इन आभूषणों को मंदिर पुजारी सत्यदेव पाराशर और चंद्रप्रकाश पाराशर को सुपुर्द किया।
ग्रामीणों के अनुसार करीब दो दशक पहले मंदिर के पुजारी और ग्रामीणों के बीच किसी बात को लेकर मतभेद हो गए थे। इसके बाद भगवान कल्याण धणी के आभूषणों को सुरक्षा की दृष्टि से राजेंद्र आगीवाल के पास सुरक्षित रखवा दिया गया था। करीब 20 वर्षों तक आभूषण उनके पास सुरक्षित रहे।
शुक्रवार को ग्रामीणों की मौजूदगी में आभूषण मंदिर के पुजारियों को वापस सौंपे गए। लंबे समय बाद भगवान के आभूषण मंदिर में लौटने पर ग्रामीणों ने संतोष जताया और इसे धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
धार्मिक आयोजनों में भगवान का होगा विशेष श्रृंगार
ग्रामीणों ने मांग की कि भगवान कल्याण धणी के आभूषणों का धार्मिक परंपराओं के अनुसार उपयोग किया जाए। प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों और त्योहारों के अवसर पर भगवान को ये आभूषण धारण करवाकर विशेष श्रृंगार किया जाए, ताकि श्रद्धालु भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर सकें।
इस दौरान चंद्रभान सिंह, मदन पंडा, तेजमल लोढ़ा, धर्मीचंद मालू, रामकिशन प्रजापत सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।