पंचायत चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय अंतिम, चुनौती देने का अधिकार न्यायालय को
पंचायत चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय अंतिम, चुनौती देने का अधिकार न्यायालय को
निर्वाचन परिणाम से असंतुष्ट प्रत्याशी 30 दिन में जिला न्यायाधीश के समक्ष दायर कर सकता है चुनाव याचिका
अजमेर। पंचायत चुनाव में किसी प्रत्याशी की जीत अथवा हार को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर (निर्वाचन अधिकारी) द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम माना जाता है। निर्वाचन परिणाम घोषित होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा राज्य निर्वाचन आयोग को रिटर्निंग ऑफिसर के निर्णय में बदलाव करने या उसे परिवर्तित करने का अधिकार नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग के राजेश्वर
सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी देते हुए बताया की
निर्वाचन प्रक्रिया के तहत रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा परिणाम घोषित किए जाने के बाद यदि कोई पराजित प्रत्याशी निर्वाचन परिणाम से असंतुष्ट है, तो उसके लिए न्यायालय में चुनाव याचिका प्रस्तुत करने का कानूनी प्रावधान है। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 43 तथा राजस्थान पंचायती राज निर्वाचन नियमों के नियम 80 के तहत निर्वाचन परिणाम को चुनौती दी जा सकती है।
इसके लिए संबंधित प्रत्याशी को परिणाम घोषित होने की तारीख से 30 दिन की निर्धारित समयावधि में जिला न्यायाधीश के समक्ष चुनाव याचिका दायर करनी होगी। न्यायालय में प्रस्तुत याचिका पर विधिक प्रावधानों के अनुसार सुनवाई की जाएगी तथा तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
इस प्रकार पंचायत चुनाव में हार-जीत को लेकर किसी भी प्रकार की आपत्ति या विवाद का समाधान प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से निर्वाचन परिणाम बदलवाकर नहीं, बल्कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में चुनाव याचिका दायर करके ही किया जा सकता है।