महात्मा गाँधी नरेगा योजना में व्यय राशि की छमाही सीमा तय की,पक्के कार्यों के लिए राज्य स्तर से लेना होगा अनुमोदन
महात्मा गाँधी नरेगा योजना में व्यय राशि की छमाही सीमा तय की,पक्के कार्यों के लिए राज्य स्तर से लेना होगा अनुमोदन
महात्मा गांधी नरेगा योजना मे प्रदेश मे पक्के निर्माण कार्य की स्वीकृति राज्य स्तर से अनुमति लेने के बाद ही स्वीकृत होगे एसे मे पंचायत क्षेत्रों मे कच्चे कार्य करवाये जा सकेगे वही
भारत सरकार ने पहली बार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत छमाही खर्च को वार्षिक आवंटन के 60 फीसदी पर सीमित कर दिया है। अब तक मनरेगा मांग-संचालित कार्यक्रम के रूप में संचालित होती रही है। इसमें खर्च सीमा ऐसी कोई नहीं थी। वित्त मंत्रालय ने ग्रामीण विकास मंत्रालय को सूचित किया है कि अब उसे मासिक/त्रैमासिक व्यय योजना (एमईपी/क्यूईपी) के अंतर्गत लाया जाएगा, जो खर्च को नियंत्रित करने वाला एक तंत्र है। मनरेगा को अब तक इस तंत्र से छूट दी गई थी। इससे पहल, पहले, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मनरेगा के लिए 2025-26 की पहली दो तिमाहियों के लिए उच्च व्यय सीमा का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, वित्त मंत्रालय इससे सहमत नहीं हुआ