बनेवड़ा गांव में टूटी सड़क बनी परेशानी का सबब, स्कूल और आंगनबाड़ी जाने में बच्चों को हो रही दिक्कत
अजमेर | आवाज़ राजस्थान की | अनिल लोहरे
नसीराबाद उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाघसुरी के अन्तर्गत आने वाले ग्राम बनेवड़ा में बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए लगातार समस्या बनता जा रहा है। आंगनबाड़ी से तबारा का रेला तक की सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। बारिश के दौरान हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने सोमवार को नसीराबाद एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सड़क पर लाल बड़दा (मिट्टी व मुरम मिश्रित भराव) डलवाने की मांग की। उनका कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से पंचायत प्रशासन से इस संबंध में लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन न तो कोई सुनवाई हो रही है और न ही कोई कार्रवाई।
इस मार्ग से सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी तक पहुंचने वाले बच्चों को प्रतिदिन कीचड़ और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर 181 जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई गई थी, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी पंचायत ने मार्ग की मरम्मत नहीं की, तो वे स्कूल के बच्चों को साथ लेकर उपखंड कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। ग्राम सभा की बैठकों में पिछले चार वर्षों से सड़क मरम्मत का प्रस्ताव लगातार डाला जा रहा है, फिर भी ग्राम विकास अधिकारी और सरपंच द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बनेवड़ा संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि यह सड़क अजबा का बाड़ियां होते हुए सीधे अजमेर को जोड़ती है और क्षेत्रीय संपर्क के लिहाज से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने सरपंच पर पाँच वर्षों से गांव की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।
इस दौरान ग्रामीण नाथू गिरी, कैलाश रावत, सुगना, भागचंद, लाल रावत, जय सिंह, रतन, कैलाश, छोटू लाल, मुकेश कुमार, शेर सिंह, जितेंद्र सिंह, महेंद्र गिरी, देवराज सहित कई लोग उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग करते हुए चेताया कि यदि अब भी अनदेखी की गई, तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
