राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र: टीकाराम जूली ने लगाया आरोप, विपक्षी विधायकों पर कैमरे से निगरानी
जयपुर। 16वीं राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र एक बार फिर राजनीतिक बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बना हुआ है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन की कार्यवाही के दौरान आरोप लगाया कि उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जो कि विपक्ष के लिए अपमानजनक है।
जूली ने कहा —
“अगर मुझे नहीं बोलने देना है तो कोई बात नहीं, लेकिन नेता प्रतिपक्ष को नहीं बोलने देना गलत है। आज मुझे बोलने नहीं दिया गया, यह नेता प्रतिपक्ष का अपमान है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सदन में विपक्षी विधायकों पर निगरानी रखने के लिए कैमरे लगाए गए हैं। जूली ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि कैमरे लगाए ही जा रहे हैं, तो उनकी रिकॉर्डिंग भी सीधे यूट्यूब पर प्रसारित की जानी चाहिए।
सत्ता पक्ष की सफाई
इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाना पक्ष और विपक्ष दोनों की ज़िम्मेदारी है। पटेल ने कहा कि सत्ता पक्ष लगातार प्रयास कर रहा है कि गतिरोध न हो और सदन की गरिमा बनी रहे।
उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ पक्ष के किसी भी विधायक ने कोई अनुचित कार्य नहीं किया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) पूरे प्रयास में हैं कि कार्यवाही बाधित न हो और राजस्थान विधानसभा अपनी “सर्वश्रेष्ठ” छवि को बनाए रखे।