पंचायतीराज संस्थाओं व शहरी निकाय चुनाव में खर्च सीमा तय, लाउडस्पीकर उपयोग पर रोक
जयपुर। शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के अध्यक्षों एवं सदस्यों के चुनाव को लेकर चुनाव खर्च की सीमा और प्रचार से जुड़े नियम निर्धारित कर दिए गए हैं। संबंधित दिशा-निर्देशों के तहत चुनाव खर्च पर नियंत्रण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह सीमाएं तय की गई हैं।
निर्देशों के अनुसार नगर निगम पार्षद पद के उम्मीदवार के लिए अधिकतम चुनाव खर्च सीमा साढ़े तीन लाख रुपये निर्धारित की गई है। वहीं नगर परिषद के लिए यह सीमा दो लाख रुपये और नगरपालिका के लिए डेढ़ लाख रुपये तय की गई है। निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
इसके साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान निकायों की संपत्तियों जैसे होर्डिंग और साइटिंग का उपयोग प्रचार कार्यों के लिए नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा चुनाव अवधि में लाउडस्पीकर के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
चुनाव आयोग के इन निर्देशों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, अनुशासित और समान अवसर आधारित बनाए रखना बताया गया है। नियमों के पालन की निगरानी संबंधित प्राधिकरणों द्वारा की जाएगी।