हुकुमचंद विद्यालय अजमेर के विद्यार्थियों ने किया राजस्थान के ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षिक भ्रमण
अजमेर | विद्यार्थियों को कक्षा की चारदीवारी से बाहर व्यावहारिक ज्ञान देने और गौरवशाली इतिहास से रूबरू करवाने के उद्देश्य से हुकुमचंद विद्यालय ने कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय (24-25 दिसंबर) शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया।
उपनिदेशक डॉ. निष्काम शर्मा ने विद्यार्थियों को शुभकामनाओं के साथ शैक्षिक भ्रमण के लिए रवाना किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी यात्राएं छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं और उन्हें अपनी संस्कृति को करीब से समझने का अवसर प्रदान करती हैं। यह पूरा भ्रमण प्रधानाचार्या हेमलता पाठक के कुशल निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
दो दिवसीय यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने राजस्थान की वीरता और शिल्प कला के प्रतीक विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया, हल्दीघाटी एवं चेतक समाधि, यहाँ बच्चों ने महाराणा प्रताप के शौर्य की गाथाओं को जाना। कुंभलगढ़, विद्यार्थियों ने विश्व प्रसिद्ध कुंभलगढ़ दुर्ग और यहाँ के प्राचीन मंदिरों के दर्शन किए।
रणकपुर, यहाँ के जैन मंदिरों की नक्काशी और वास्तुकला ने विद्यार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
चित्तौड़गढ़, यात्रा के अगले चरण में छात्रों ने मीरा मंदिर, राणा कुंभा पैलेस, महारानी पद्मिनी पैलेस, विजय स्तंभ का अवलोकन कर ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी प्राप्त की।
छात्रों की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए विद्यालय का अनुभवी शिक्षक दल साथ रहा। इस दल में शारीरिक शिक्षक सोनू गहलोत, शिक्षक, कनिक खंडेलवाल, डिंपल यादव, अन्नपूर्णा माथुर, दीपक बैरवा एवं प्रिया भारती शामिल थे। शिक्षकों ने भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को प्रत्येक स्थल के ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तार से समझाया।
प्रधानाचार्या हेमलता पाठक ने बताया कि यह यात्रा छात्रों को किताबी ज्ञान से हटकर नया अनुभव प्रदान करने में सफल रही, जिससे उनमें अनुशासन और समूह में रहने की भावना का भी विकास हुआ है।