राजस्थान महिला कल्याण मंडल, चाचियावास द्वारा संचालित मीनू सी बी आर कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय अभिभावक एवं भाई-बहन प्रशिक्षण कार्यक्रम

राजस्थान महिला कल्याण मंडल, चाचियावास द्वारा संचालित मीनू सी बी आर कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय अभिभावक एवं भाई-बहन प्रशिक्षण कार्यक्रम
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अभिभावक एवं भाई-बहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
अजमेर राजस्थान महिला कल्याण मंडल, चाचियावास द्वारा संचालित मीनू सी बी आर कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय अभिभावक एवं भाई-बहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त निदेशक तरुण शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण में अजमेर एवं अजमेर ग्रामीण ब्लॉक से लगभग 96 अभिभावक एवं भाई-बहन शामिल हुए।
प्रशिक्षण के प्रारंभिक सत्र में संस्थागत परिचय एवं संस्था की उपलब्धियों की जानकारी समूह के समक्ष विपुल कवरिया द्वारा प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात फिजियोथैरेपी सत्र डॉ. कृष्ण कुमार बाकोलिया द्वारा लिया गया, जिसमें अभिभावकों को बताया गया कि वे घर पर बच्चों को किस प्रकार सरल तरीके से थेरेपी प्रदान कर सकते हैं तथा थेरेपी के दौरान किन-किन आवश्यक सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।
स्पीच थेरेपी सत्र में मंजू शर्मा ने बच्चों में भाषा विकास एवं बोलने की क्षमता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की तथा स्पीच थेरेपी से संबंधित महत्वपूर्ण अभ्यास समूह के साथ साझा किए।
बच्चों को सामाजिक सुरक्षा एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेजों तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी अंजलि माहेश्वरी द्वारा प्रतिभागियों को दी गई, जिससे अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी सुविधाओं का लाभ दिला सकें।
इसके अतिरिक्त गुड टच एवं बैड टच विषय पर महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों की सुरक्षा, संभावित जोखिमों से बचाव तथा अभिभावकों द्वारा आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
गोल सेटिंग के अंतर्गत बच्चों को सिखाने के लिए टीचिंग टेक्निक एवं टास्क एनालिसिस विधि पर सत्र विपुल कवरिया द्वारा लिया गया, जिसमें अभिभावकों को बच्चों के विकास के लिए व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से कार्य करने की प्रक्रिया समझाई गई।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से अभिभावकों एवं भाई-बहनों को यह समझने का अवसर मिला कि वे घर पर बच्चों के विकास, शिक्षा, व्यवहार सुधार, थेरेपी अभ्यास तथा दैनिक जीवन कौशल को विकसित करने में किस प्रकार सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही उन्हें बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं से जुड़ने की जानकारी भी प्राप्त हुई, जिससे वे बच्चों के सर्वांगीण विकास में अधिक प्रभावी योगदान दे सकें।
कार्यक्रम के अंत में निदेशक राकेश कुमार कौशिक द्वारा सभी प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया तथा उपस्थित अभिभावकों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा आयोजित इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य अभिभावकों और भाई-बहनों को सक्षम बनाना है, ताकि वे बच्चों के विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
इस अवसर पर संस्था की सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्षमा आर. कौशिक ने भी प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से परिवारों को सही जानकारी, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास प्राप्त होता है, जिससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

admin - awaz rajasthan ki

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