मदनगंज-किशनगढ़ मंडी में दो दिन बाद खत्म हुई हड़ताल, 20 करोड़ का कारोबार प्रभावित
मदनगंज-किशनगढ़:
कृषि उपज मंडी में मजदूरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहने से मंडी का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। दो दिन में करीब 20 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ, वहीं मंडी प्रशासन को भी लगभग 50 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा।
सुबह से शुरू हुआ गतिरोध दोपहर करीब 3 बजे तक चला, जिसके बाद अचानक हड़ताल समाप्त होने की घोषणा कर दी गई। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में मंडी प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि न तो वार्ता में मंडी सचिव को बुलाया गया और न ही यह स्पष्ट किया गया कि किन शर्तों पर सहमति बनी।
दर बढ़ोतरी पर खत्म हुई हड़ताल
पल्लेदार संघ के अध्यक्ष सुखराम ने बताया कि मजदूरी दरों में आंशिक बढ़ोतरी के बाद हड़ताल समाप्त की गई। कट्टे पर मजदूरी ₹13.80 से बढ़ाकर ₹14 और बोरी पर ₹19.70 से बढ़ाकर ₹20 कर दी गई है।
वहीं मंडी सचिव ओमप्रकाश चौधरी ने इस समझौते से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि दरों में किसी भी प्रकार की वृद्धि के लिए विधिवत प्रस्ताव और अनुमोदन आवश्यक होता है।
10% बढ़ोतरी की मांग पर अड़े थे मजदूर
हड़ताल के दौरान मजदूर अपनी मजदूरी में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग पर अड़े रहे। मंडी सचिव ने समझाइश का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि एक माह के भीतर मजदूरी बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा जाएगा।
इसके साथ ही, मंडी प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नए मजदूरों की नियुक्ति के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसका मजदूर संगठनों ने विरोध किया है।
किसानों ने अन्य मंडियों का किया रुख
दो दिनों तक मंडी में कामकाज ठप रहने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई किसानों ने अपनी उपज अन्य मंडियों में बेचना शुरू कर दिया।
किसान रूपाराम के अनुसार, करीब 25 हजार क्विंटल चना अराई, रूपनगढ़ और दूदू मंडियों में बेचा जा चुका है। किसानों का कहना है कि आखातीज के चलते नकदी की जरूरत होने से उन्हें तुरंत बिक्री करनी पड़ी।
लाइसेंस व्यवस्था पर उठे सवाल
हड़ताल के बीच मंडी में पल्लेदारों की स्थिति को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है। करीब 500 पल्लेदारों में से केवल 46 के पास ही वैध लाइसेंस है, जबकि शेष बिना दस्तावेज के कार्य कर रहे हैं।
मंडी सचिव ने बिना लाइसेंस वाले पल्लेदारों को रात 8 बजे के बाद मंडी परिसर से बाहर रखने के निर्देश दिए हैं।
अमावस्या पर भी खुलेगी मंडी
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि दो दिन के नुकसान की भरपाई के लिए अब अमावस्या के दिन भी मंडी खुली रखी जाएगी, ताकि व्यापार सामान्य हो सके।