महंगे खाद-बीज खरीदकर की थी बुवाई, हल्की बारिश के बाद पपड़ी जमने से अंकुरण से पहले ही बीज खराब
सोकिया का खेडा में
किसानों पर दोहरी मार: खेत दलेट होने से दोबारा करनी पड़ रही बुवाई
महंगे खाद-बीज खरीदकर की थी बुवाई, हल्की बारिश के बाद पपड़ी जमने से अंकुरण से पहले ही बीज खराब
हंसराज खारोल, कुशायता (पत्रकार)
कुशायता। ग्राम पंचायत गोरधा क्षेत्र के सोकिया का खेड़ा सहित गोपालपुरा, गोरधा, चिकलिया, लोधा का झोपड़ा, सूरजपुरा, कीड़वा का झोपड़ा, बिसुदनी, कुशायता, पिपलाज, सदारा और आमली सहित आसपास के गांवों में किसानों पर मौसम की दोहरी मार पड़ रही है।
गत दिनों हुई बारिश के बाद किसानों ने खेतों में खरीफ सीजन की विभिन्न फसलों की बुवाई की थी। किसानों के अनुसार बुवाई के तीन-चार दिन बाद हुई हल्की बारिश के कारण खेतों की मिट्टी पर पपड़ी जम गई और खेत दलेट हो गए। इससे अंकुरित होने से पहले ही कई खेतों में बीज खराब हो गया और फसल का अंकुरण प्रभावित हुआ।
अब किसानों को मजबूरन अपने खेतों में दोबारा बुवाई करनी पड़ रही है। इससे किसानों पर खाद, बीज और खेती की लागत का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है।
सोकिया का खेड़ा निवासी किसान हेमराज सिंह दरोगा, मेवालाल मीणा, मिश्रीलाल, विजय सिंह, रतन सिंह, कालूराम मीणा, सांवरा मीणा, गोपाल मीणा, मानसिंह मीणा और भवानीराम मीणा ने बताया कि महंगाई के दौर में महंगे खाद और बीज खरीदकर खेतों में बुवाई की गई थी। लेकिन हल्की बारिश के बाद खेतों में पपड़ी जमने से फसल अंकुरित होने से पहले ही बुवाई प्रभावित हो गई।
किसानों ने बताया कि अब उन्हें दोबारा खाद-बीज की व्यवस्था कर खेतों में बुवाई करनी पड़ रही है। इससे किसानों पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है और खेती की लागत बढ़ गई है।