दुग्ध उत्पादन वृद्धि को बरकरार रखने के लिए मिलावट पर वार व पर्याप्त पशु आहार वर्तमान की जरूरत है-चौधरी
अजमेर। विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर इंडियन डेयरी एसोसिएशन (IDA) द्वारा रविवार को नई दिल्ली स्थित IDA भवन में भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर देशभर से अनेक डेयरी संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और दुग्ध उत्पादन के भविष्य, चुनौतियों तथा संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह को संबोधित करते हुए अजमेर सरस डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने कहा कि देश में दूध उत्पादन की वृद्धि को बनाए रखने के लिए मिलावटी दूध के उत्पादन पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है। साथ ही, पशुपालकों को पर्याप्त पशु आहार उपलब्ध कराने हेतु केंद्र व राज्य सरकारों को मिलकर दीर्घकालिक रणनीति तैयार करनी चाहिए।
चौधरी ने केंद्र सरकार से दूध पर समर्थन मूल्य लागू करने की भी मांग की, ताकि दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पशु आहार पर 28% जीएसटी लगाया गया है, जिससे दुग्ध व्यवसाय पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जिसे तात्कालिक रूप से कम किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देशभर में नस्ल सुधार को प्रोत्साहित करने के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमेन मुफ्त उपलब्ध कराया जाए और आवारा पशुओं में विशेषकर सांडों का बंध्याकरण कर नस्ल नियंत्रण पर प्रभावी कदम उठाए जाएं।
इस वर्ष विश्व दुग्ध दिवस 2025 की थीम “आईए डेयरी की शक्ति का जश्न मनाएं” रखी गई थी, जिसका उद्देश्य डेयरी उत्पादों के पोषण, आजीविका और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करना रहा।
समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. राघवेंद्र भट्ट (ADG, एनिमल साइंस, ICAR) रहे, जबकि IDA अध्यक्ष जी.एस. सोढ़ी ने गुजरात से वर्चुअल माध्यम से संबोधन किया।
कार्यक्रम में अन्य प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहे:
हरिओम गुलाटी (सचिव, IDA), डॉ. विमलेश मान (ADG, ICAR), डॉ. एस.के. भल्ला (पूर्व CEO, मदर डेयरी), पंकज शर्मा (पूर्व CSR प्रमुख, मदर डेयरी), इंद्रजीत सिंह (अध्यक्ष, IDA पंजाब चैप्टर), रमेश के. चुग (वाइस चेयरमैन, नॉर्थ ज़ोन), आई.के. नारंग (पूर्व सहायक आयुक्त), टी.टी. रेड्डी (सचिव, IDA वेस्टर्न यूपी चैप्टर), अशोक राव, संजय रैना, मथुरा प्रसाद, बी.बी. गर्ग (पूर्व गुणवत्ता नियंत्रण प्रबंधक, DMS), डॉ. करण चंडालिया (अध्यक्ष, IDA राजस्थान चैप्टर), विवेक शर्मा (बैनी इंपैक्स), अमित वर्मा (NCDFI), मुनेश पांडे (एवरेस्ट इंस्ट्रूमेंट्स), सुनील मोगे और ज्ञान मुतरेजा (IDA सदस्य)।