21 जुलाई से 12 अगस्त तक होगा संसद का मानसून सत्र, ऑपरेशन सिंदूर पर हो सकती है बड़ी बहस
नई दिल्ली: देश की संसद का मानसून सत्र अब तय हो गया है। 21 जुलाई से 12 अगस्त 2025 तक संसद का मानसून सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा हो सकती है। यह ऑपरेशन पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीतिक गतिविधियों और मानवाधिकार के मुद्दों को लेकर चर्चा में बना हुआ है।
🔹 सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मुद्दे पर नियम 193 के तहत चर्चा के लिए तैयार है, जिसमें बिना मतदान के चर्चा की अनुमति होती है। इससे साफ है कि सरकार विपक्ष की मांग को नजरअंदाज नहीं करना चाहती और व्यापक बहस के लिए तैयार है।
🔹 सत्र की अवधि:
- प्रारंभ: 21 जुलाई 2025
- समापन: 12 अगस्त 2025
यानी कुल 23 दिनों का सत्र, जिसमें लगभग 15 कार्यदिवस होने की संभावना है।
🛑 संभावित प्रमुख मुद्दे:
- ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत चर्चा
- देश की सुरक्षा व्यवस्था और सीमावर्ती तैयारियां
- हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं पर सरकारी प्रतिक्रिया
- मंहगाई और बेरोजगारी जैसे सामाजिक-आर्थिक मुद्दे
- आगामी बजट सत्र की प्राथमिकताओं की झलक
📢 राजनीतिक हलचल तेज:
मानसून सत्र से पहले ही संसद के दोनों सदनों में रणनीति बनाने का दौर शुरू हो गया है। सरकार, विपक्ष, रक्षा विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े कौन-कौन से दस्तावेज या तथ्य सदन में सामने लाए जाएंगे।
📌 संसदीय कार्य मंत्रालय ने सभी सांसदों को 15 जुलाई से पहले दिल्ली पहुंचने का निर्देश जारी किया है, ताकि पहले दिन से सत्र की कार्यवाही सुचारू रूप से शुरू हो सके।