पुष्कर में बरसात ने तोड़ा 50 वर्ष पुराना रिकॉर्ड,सरोवर में आया 20 फुट के करीबन पानी सरोवर का लेवल हुआ 31 फुट पानी तक
पुष्कर में बरसात ने तोड़ा 50 वर्ष पुराना रिकॉर्ड
सरोवर में आया 20 फुट के करीबन पानी सरोवर का लेवल हुआ 31 फुट पानी तक
सरोवर हुआ लबालब छोटी पुलिया डूबी बड़ी पुलिया के दोनों तरफ भरा पानी रास्ता हुआ बंद
बरसात का दौर रात्रि से जारी सरोवर में पानी की आवक निरंतर जारी
डूब क्षेत्र पानी में डूबा चारों तरफ अथाह पानी ही पानी
डूब क्षेत्र में बने होटल और घरों में भरा पानी
भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास के मौके पर शुक्रवार से ब्रह्माजी की नगरी पुष्कर में इन्द्र देव ने जमकर पानी बरसा रहे हे । जहां शुक्रवार की सुबह करीब तीन घंटे हुई मूसलाधार बारिश से सरोवर में करीब 13 फीट से अधिक पानी की आवक दर्ज की गई।तो शाम को ओर रात्रि में हुई बरसात से सरोवर में 5 फुट ओर पानी की बढ़ोतरी होने से पचास वर्ष बाद सरोवर में इतनी ज्यादा पानी की आवक देखने को मिली छोटी पुलिया डूब चुकी हे तो बड़ी पुलिया के दोनों तरफ पानी भर जाने से रास्ता बंद हो गया डूब क्षेत्र पानी में डूब चुका हे चारों तरफ अथाह पानी ही पानी नजर आ रहा हे होटलों और घरों में पानी घुस गया प्रशासन ने शुक्रवार को ही डूब क्षेत्र से घरों को ओर होटलों को खाली करवा दिया गया। इसी के साथ सरोवर का जल स्तर करीब 31 फीट पार हो गया है। इससे ब्रह्म सरोवर भी लबालब हो गया है। वहीं बारिश से सरोवर के पीछे डूब क्षेत्र की होटलों, घरों व खेतों में पानी भर गया। एतिहात के तौर पर प्रशासन ने नगर परिषद व सिविल डिफेंस टीम के सहयोग से होटलों में ठहरें देशी-विदेशी मेहमानों को सुरक्षित बाहर निकाल कर होटल-गेस्ट हाऊसों को खाली करवाया। पानी के तेज बहाव के कारण सावित्री मार्ग स्थित एक कॉलोनी की दीवार ढ़ह गई।सड़के गढ्ढों में तब्दील हो गई हे तथा नांद गांव स्थित 33 केवी लाईन टूट गई।
तीर्थ नगरी पुष्कर में शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे बादलों ने गरजते हुए बरसना शुरू किया। रिमझिम के साथ बारिश ने उग्र रूप ले लिया और करीब 3 घंटे तक एक धार से मूसलाधार बरसात हुई। तथा नाग पहाड़ी से नदियां व झरनों से पानी उफन कर फीडरों में पहुंच गया और फीडरों से होते हुए पानी सरोवर तक पहुंचा। इसके अलावा बूढ़ा पुष्कर बाईपास मार्ग स्थित प्राचीन भटबाय गणेश मंदिर भी तेज बारिश के कारण जल मग्र हो गया तथा मंदिर से लगती बावड़ी लबालब हो गई। पुरातत्व विभाग का जहांगीर का महल भी पहली बार पानी से डूब गया।ब्रह्मा घाट में तीर्थ पुरोहित संघ के कार्यालय में भी पानी भर गया तो वराह घाट पर स्थित भाजपा नेता वेदप्रकाश पाराशर की दुकान में भी वर्षों बाद पानी भर गया।एक फुट पानी आते ही जयपुर घाट की सड़क पर ओर गऊ घाट पर भी कल्याण जी के मंदिर तक पानी आ जाएगा।
कलक्टर ने लिया जायजा
शुक्रवार को तेज बारिश के कारण सरोवर के पीछे डूब क्षेत्र जल मग्न हो गया तथा बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिला कलक्टर लोकबंधु ने पुष्कर पहुंच कर जलभराव क्षेत्र का जायजा लिया। साथ ही एसडीओं गौरव मित्तल व आयुक्त जनार्दन शर्मा को होटलों को खाली करवाने सहित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सिविल डिफेंस टीम के किशन गोपाल जाट ने सहयोगी के साथ घरो व होटलों मेें फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं हादसें की आशंका के चलते प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से जर्जर हाई लेवल ब्रिज वाहनों की आवाजाहि रोक दी है तथा छोटी राम पुलिया पर भी लोगों का प्रवेश बंद कर दिया है।
निचली बस्तियों में भारी बारिश से आफत
मुसालाघर बारिश से शहर की निचली बस्तियों के घरों, दुकानों में पानी घुस गया। वराह घाट के आस पास, पुराना मंदिर, माली मोहल्ला, परिक्रमा मार्ग, मीणा मंदिर मार्ग में पानी ही पानी हो गया। इस दौरान शाम तक पानी भरे रहने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सैंड स्टोन से बनी सडक़ जगह जगह से उखड़ी
पुष्कर के मुख्य बाजार में लगे सैंड स्टोन से बनी सडक़ शुक्रवार को भारी बारिश के चलते जगह जगह से उखड़ गई जिससे श्रद्धालुओं सहित क्षेत्रवासियों को परेशानी उठानी पड़ी। इसके अलावा नगर के गली-मौहल्ला की सडक़े क्षतिग्रस्त होकर गड्ढों में तब्दील हो गई।
झरने में नहाने उमड़े मौसम प्रेमी
शुक्रवार को हुई भारी बारिश के साथ ही नाग पहाड़ी के झरने बहने लगे। इस दौरान बारिश थमने के साथ ही बड़ी संख्या में पुष्कर व अजमेर के मौसम प्रेमियों ने नाग पहाड़ी से उफनते झरनें देखने व नहाने के लिए उमड़ पड़े।
सरोवर लबालब होने पर की महाआरती
शुक्रवार को पुष्कर में हुई मुसलाधार बारिश के बाद हुए सरोवर के लबालब होने की खुशी के उपलक्ष्य में शाम को हल्की रिमझिम बारिश के बीच गणगौर घाट पर श्री तीर्थ गुरू कृपा महाआरती संघ के बैनरतले महाआरती की गई। इससे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सरोवर का पूजन एवं दुग्धाभिषेक किया गया। वहीं महाआरती तीर्थ पुरोहित पं. राहुल पाराशर ने की। इस अवसर पर दामोदर मुखिया, इन्द्रसिंह पंवार, संजय पाराशर, आरव, आरोही सहित धर्मप्रेमी उपस्थित थे।
सोजन्य से-
अनिल सर शिमला पाराशर -बदलता पुष्कर