जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन बुधवार को रीट कार्यालय के सभागार में जिला कलक्टर लोक बन्धु की अध्यक्षता में किया गया।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित
अजमेर, 23 जुलाई। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन बुधवार को रीट कार्यालय के सभागार में जिला कलक्टर लोक बन्धु की अध्यक्षता में किया गया।
जिला कलक्टर लोक बन्धु द्वारा बैठक में एनसीडी कार्यक्रम में प्रथम स्थान तथा परिवार कल्याण में राज्य स्तर पर जिले को प्राप्त सम्मान की सराहना की गयी। उसके उपरान्त प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान तथा मौसमी बीमारियों एवं अतिवृष्टि के दौरान तैयारियों की समीक्षा की गयी। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत इसमें निर्धारित घटकों यथा वेलनेरेवल पापुलेशन, चेस्ट एक्सरे, किट वितरण, निक्षय पोषण इत्यादि में 31 जुलाई तक पूर्णता के निर्देश प्रदान किए गए।
जिला कलक्टर ने मौसमी बीमारियों के तहत बीसीएमओ को निर्देश प्रदान किए गए कि एसडीएम की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय बैठकों में सम्मिलित होकर प्रदत्त दिशानिर्देशानुसार कार्य किया जाना सुनिश्चित करावे। एनक्यूएएस के तहत प्रति सप्ताह प्रति ब्लाक दो चिकित्सा संस्थानों को क्वालिटी प्रमाणीकरण के लिए तैयार करवाकर क्वालिटी प्रमाणीकरण किया जाना सुनिश्चित करावे। चिकित्सा विभाग द्वारा निर्धारित सभी मानको पर एकरूपता के साथ ध्यान रखकर कार्य किया जाये जिससे जिला प्रत्येक गतिविधि में अग्रणी रहे।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें जोन अजमेर के संयुक्त निदेशक डॉ. सम्पत सिंह जोधा द्वारा जिले में अतिवृष्टि के कारण जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों से बचाव पर जोर दिया। मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए निर्देश प्रदान किए। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक सीसीटीवी कैमरे की स्थापना, बायोमेट्रिक मशीन का संचालन, साफ-सफाई के टेण्डर, मरम्मत योग्य भवनों की सूची, चिकित्सालयों में इलेक्ट्रीसिटी की ऑडिट, चिकित्सालय की जमीन पर अवैध कब्जे की सूचना इत्यादि उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ज्योत्स्ना रंगा द्वारा जिले के समस्त बीसीएमओ तथा चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियों बनाए रखे। जिला स्तर से सूचना मांगे जाने पर निर्धारित समय पर सूचना प्रेषित किया जाना सुनिश्चित कराए। एनसीडी कार्यक्रम के तहत 30 प्लस की जाँच करवाये जाने पर जोर दिया गया। जिन चिकित्सा संस्थानों द्वारा अकारण मरीजों को बिना रैफरल नोट के रैफर किया जाता है तो उन पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। हरियालो राजस्थान के तहत सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण किया जाना सुनिश्चित करावे।
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) डॉ. रामलाल चौधरी द्वारा इस कार्यक्रम के साथ-साथ एनक्यूआस के तहत चिकित्सा संस्थानों को तैयार करने के लिए निर्देश प्रदान किए गए। परिवार कल्याण के क्षेत्र में हाईडिलेवरी वाले चिकित्सा संस्थान ज्यादा से ज्यादा प्रसूताओं की सहमति प्राप्त कर पीपीआईयूसीडी लगाना सुनिश्चित करे जिससे अनचाहे गर्भधारण से महिला को बचाया जा सके। परिवार कल्याण के अन्य घटकों में आवश्यक सुधार के लिए पाबन्द किया गया।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिंदे स्वाती द्वारा आरसीएच गतिविधियों की समीक्षा की गयी। इसमें पूर्ण टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, वैक्सीनेशन (एमआर-1 से एमआर-2 के गैप) एवं शहरी क्षेत्रों में प्रगति, जेएसवाई के भुगतान, एचबीएनसी, पीएमएसएमए, यूविन एवं एसएलवाई तृतीय के भुगतान समय पर किए जाने के निर्देश प्रदान किए गए। डीटीएफ के आयोजन में निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दुरूस्त करवाकर लक्ष्यार्जन के निर्देश प्रदान किए गए।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश गुप्ता ने राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत क्षय रोग निवारण एवं निदान पर बल दिया गया तथा सीवीनॉट एवं टूनॉट पर स्यूटम जॉच किए जाने के लिए पाबन्द किया गया। जिससे जिले में उपलब्ध मशीनों पर ज्यादा से ज्यादा सैम्पल की जाँच करवाई जा सके।
बैठक में जिले के समस्त पीएमओ, बीसीएमओ, बीपीएम तथा चिकित्सा अधिकारी प्रभारी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों शहरी व ग्रामीण, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों एवं जिला स्तर से विभिन्न कार्यक्रमों के अधिकारी एवं समन्वयकों ने भाग लिया।