मांगलियावास कल्पवृक्ष मेला गुरूवार 24जुलाई को, मेला मजिस्ट्रेट सहित उपखंड अधिकारी और प्रशासन ने किया मेला व्यवस्थाओं का निरीक्षण दिए विशेष दिशा निर्देश
मांगलियावास कल्पवृक्ष मेला गुरूवार 24जुलाई को, मेला मजिस्ट्रेट सहित उपखंड अधिकारी और प्रशासन ने किया मेला व्यवस्थाओं का निरीक्षण दिए विशेष दिशा निर्देश
मांगलियावास- भारतीय संस्कृति प्रकृति के अत्यंत निकट है। यहां पेड़ पौधों, नदियों, समुद्र, चांद, सूरज सभी में देवताओं का वास माना गया है। पेड़-पौधों के लिए हरियाली अमावस्या एक उत्सव है। श्रावण मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से जाना जाता है।
हिन्दू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है। हरियाली अमावस्या नाम से ही स्पष्ट है कि यह दिन हरियाली को समर्पित है। इस अमावस्या का संबंध प्रकृति, पितु और भगवान शंकर से है। पर्यावरण को संतुलित और शुद्ध बनाए रखने के उद्देश्य से अनेक वर्षों से हरियाली अमावस्या का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। यह वृक्षों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है। यहीं धार्मिक दृष्टिकोण से श्रावणी अमावस्या पर पितरों की शांति के पिंडदान और दान धर्म करने का महत्व है। मांगलियावास में हरियाली अमावस्या पर मेला लगता है। यहां मान्यता है कि कल्पवृक्ष से सच्चे मन से जो मांगा जाता है, वह मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।
समुद्र मंथन में प्राप्त हुए 14 रत्न पौराणिक धर्म ग्रंथों एवं हिंदू मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन से प्राप्त चौदह रत्नों एक कल्पवृक्ष भी था। कल्पवृक्ष के विषय में में यह भी कहा जाता है कि इसका अंत कल्पान्त तक नहीं होता है। महंत
राधिका दास ने बताया कि प्रति 12 वर्ष के अंतराल पर रानी वृक्ष पर एक नारियल के आकार का विशेष फल लगता है। यह जिसे मिलना होता है, उसे ही दिखाई देता है। यह उसकी सुख समृद्धि के द्वार खोल देता है। मांगलियावास के नर-नारी कल्पवृक्ष विख्यात हैं। यह मेला 800 साल से मांगलियावास में लग रहा है। मान्यतानुसार साधु मंगल सिंह अपने शिष्य फतेह सिंह के साथ यहां एक डेरे में थे। तभी उन्होंने एक यति को आकाश मार्ग से कल्पवृक्ष को ले जाते देखा तो उसे अपनी शक्ति से भूमि पर उतरवा दिया। कालांतर में साधु मंगलसिंह के नाम पर स्थान का नाम मांगलियावास पड़ गया।
2 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना
मेले में बड़ी संख्या में आये झुला मालिक तथा दुकानदार मौसम विभाग द्वारा मौसम के साफ रहने की घोषणा से खुश हैं। यदि मौसम साफ रहता है है तो तो मेले में 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ओं के आने की संभावना है। इस मेले के साथ ही प्रदेश में मेले भरने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। मेले में दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु राजा, रानी व राजकुमार के पवित्र वृक्ष की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की मंगल कामना करेंगे। भारी भीड़ को देखते हुए महिला श्रद्धालुओं का बुधवार शाम से ही स्थल पर पहुंचकर पुजा अर्चना करने का दौर शुरू हो गया। पंचायत द्वारा मेले का आयोजन रात्रि 10 बजे तक होने के कारण कल्पवृक्ष से मुख्य द्वार तथा मेला ग्राउंड में रोशनी की व्यवस्था की गई है। प्रशासन द्वारा मेले की व्यवस्थाओं के लिए पीसांगन तहसीलदार भागीरथ चौधरी को मेला मजिस्ट्रेट नियुक्त कर स्थल के मुख्य द्वार पर कंट्रोल रूम तथा खोया-पाया सूचना केंद्र स्थापित किया गया है। पीसांगन सीएमएचओ घनश्याम मोयल के दिशा निर्देश पर 7 सदस्यीय चिकित्सा टीम नियुक्त 2 शिफ्ट में 2 दिन के लिए नियुक्त कर दी गई है। मेले के मध्य से गुजरते जेठाना मार्ग पर आवश्यक सेवाओं के अलावा अन्य भारी वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है। मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मांगलियावास थानाधिकारी रामस्वरूप चौधरी की अगुवाई में पुलिस जाब्ता सहित अतिरिक्त पुलिस बल मेले में तैनात रहेगा
कल्पवृक्ष मेले में सुबह 7 से होगा ट्रैफिक डायवर्ट
पुष्कर के बाद जिले का दुसरा बड़ा मेला-
कल्पवृक्ष मेले में गुरुवार को मेला तथा शांति व्यवस्था के लिए जगह-जगह पुलिस तैनात रहेगी। थाना अधिकारी रामस्वरूप चौधरी ने बताया कि कल्पवृक्ष मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 100 से ज्यादा पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है। जिसमें पुलिस वर्दी और सादा वहीं में पुलिस जवान और महिला जवान ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। कल्पवृक्ष परिसर के चारों ओर अधिक संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मेले में यात्रियों की सुविधा के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा। थाना अधिकारी चौधरी भी दिन भर मेला व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखेंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण भी मेला व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद रहेंगे। मेले में सुबह 7 बजे से मेला परिसर की ओर वाहनों का प्रवेश निषेध कर दिया जाएगा जो रात 8 बजे तक जारी रहेगा। पीसांगन से अजमेर जाने वाले सभी वाहनों को एनएच 8 पुलिया की ओर डायवर्ट होंगे। इसी तरह ब्यावर जाने वाले वाहन भी पुलिया से होकर जाएंगे। मांगलियावास मेला परिसर में दो पहिया वाहन चालकों को भी प्रवेश नहीं दिया गया है।
मेले में अजमेर सांसद और केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी, नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा , नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस प्रत्याशी शिव प्रकाश गुर्जर सहित कई जनप्रतिनिधि मेले में शिरकत करेंगे। मेला मजिस्ट्रेट भागीरथ चौधरी ने बुधवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मेला क्षेत्र निरीक्षण के दौरान मांगलियावास सरपंच दुर्गेंद्र सिंह राठौड़, उपसरपंच शंकर लाल पुनिया, गिरदावर गिरधर सिंह, ग्राम विकास अधिकारी मनीष, वार्ड पंच सुभान खान सहित पटवारी और पंचायत प्रशासन मौजूद था।मेला कमेटी को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। तहसीलदार पिसागंज में मेला निरीक्षण के दौरान कल वृक्ष सरोवर के चारों तरफ बेरी कटिंग लगाने और यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम रखने के लिए निर्देश दिए। वही ग्राम पंचायत द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए निशुल्क चिकित्सा व्यवस्था और जल व्यवस्था के साथ मेला कार्यालय की स्थापना भी की गई। मेला कार्यालय से मेला व्यवस्था और आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जाते रहेंगे। वही पीसांगन उपखंड अधिकारी राजीव बडगूजर ने ग्राम पंचायत की मांग पर ग्राम पंचायत क्षेत्र की समस्त शराब की दुकानों पर शराब की बिक्री नहीं किए जाने के लिए मांगलियावास थाना अधिकारी को पत्र भिजवाया है।