गोगा जी चौहान का मेला — भक्ति, भाईचारा और संस्कृति का अनोखा पर्व
गोगा जी चौहान का मेला — भक्ति, भाईचारा और संस्कृति का अनोखा पर्व
नसीराबाद (Anil lohare ) नसीराबाद में लोक देवता श्री गोगा जी चौहान का वार्षिक मेला इस बार भी अद्भुत भव्यता और श्रद्धा के साथ आयोजित हुआ। यह परंपरा, जो 14 अगस्त 1966 को समाजसेवक वीर गंगाराम, आत्माराम और अतहर की प्रेरणा से शुरू हुई थी, आज भी उसी जोश और एकता की भावना के साथ जारी है।
पुजारी ओमप्रकाश करोति ने बताया कि मेले की शुरुआत शुक्रवार को अम्बेडकर सर्किल से प्राचीन गोगामेड़ी मंदिर तक निकाली गई ध्वजारोहण यात्रा से हुई। शनिवार को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मंडान और रात्रि जागरण ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रविवार को शहीद स्मारक से निकला निशानों का भव्य जुलूस फ्रामजी चौक, सदर बाजार होते हुए मंदिर परिसर में पहुंचा, जहां मेला रंग और उमंग के साथ सजीव हो उठा।
मेला स्थल पर स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल, सजावटी व पूजा सामग्री की दुकानें, बच्चों के लिए झूले और लोक मनोरंजन के कई साधन लगे। नसीराबाद, अजमेर और आसपास के गांवों से उमड़े श्रद्धालु सुबह से रात तक मंदिर में दर्शन करते रहे। विशाल भजन संध्या में गूंजते भजनों ने सभी को भावविभोर कर दिया, जबकि लगातार चलता प्रसाद वितरण मेले की रौनक बढ़ाता रहा।

इस अवसर पर विधायक रामस्वरूप लांबा पूर्व विधायक रामनारायण गुर्जर, महेंद्रसिंह गुर्जर, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शारदा मित्तल वाल, उपखंड अधिकारी देवी लाल यादव, सिटी थाना अधिकारी हुकम गिरी सहित शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन में शिवजी करोति गणेश राम जी सरवन मंगलचन्द चाँवरिया, सुरेश करोती, राजेश पचेरवाल, राम अवतार करोति, नितिन करोती, सोनू डिक्याव, सतीश सारवान, रवि गुर्जर, योगेश्वर सारवान, भगतगण, उस्ताद, खलीफा, शाइर, संत, महन्त और समाज के कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय योगदान दिया।
अध्यक्ष चरणदास लोहरे ने कहा — “यह मेला केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता, भाईचारे और हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव है। सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का दिल से धन्यवाद।”
निशान चौधरी मंगलदास जाजोटर , शहर कोतवाल लालाराम डिक्याव इनका विशेष योगदान रहा