जंगल में जलभराव से गहराया चारा संकट।


पशु भूख से मरने की कगार पर।
चौतरफा पानी कैसे करें गिरदावरी।
पटवारियों ने की लोकेशन डिसेबल कराने की मांग।
हर पंचायत से उठ रही गिरदावरी, मुआवजे की मांग।
शाहपुरा, 9 सितंबर 2025। अतिवृष्टि से शाहपुरा उपखंड क्षेत्र में जंगल और खेतों में जलभराव ने ग्रामीणों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं और पशुओं का चारा गलकर बेकार होने से चारा संकट गहरा गया है। शिवपुरी क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर ओम प्रकाश मीणा को ज्ञापन सौंपकर फसल नुकसान का आकलन और मुआवजा देने की मांग की। जंगलों में जलभराव से पशुओ का हरा घास गलकर पीला पड़ गया, जिसे पालतू, आवारा और जंगली पशु (नीलगाय) आदि खाने में असमर्थ हैं। भूख से त्रस्त पशुओं के लिए ग्रामीणों ने सरकार से चारे की व्यवस्था की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने चिंता जताई कि इंसान तो जैसे-तैसे पेट भर लेगा, लेकिन बेजुबान पशु कैसे जीवित रहेंगे।
गिरदावरी कार्य अटका:- लसाडिया पंचायत के ग्रामीणों ने बताया कि तहसील क्षेत्र के सभी खेत पानी से लबालब हैं, जिससे फसलें डूब रही हैं और पटवारियों की गिरदावरी प्रक्रिया ठप हो गई है। पूर्व सरपंच संजय मंत्री की अगुवाई में किसानों ने तहसीलदार भीमराव सिंह को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की मांग की।
पटवारी खुद सकते में, कैसे करें गिरदावरी, दिया ज्ञापन:- मानसून की सक्रियता से खेतों में पानी भरने के कारण पटवारी खेतों तक पहुंचने में असमर्थ हैं। राजस्थान पटवार संघ के उपशाखा अध्यक्ष बजरंग लाल सैनी की अगुवाई में पटवारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर जीपीएस लोकेशन डिसेबल करने की मांग की, क्योंकि अल्प समय में खराबे की 7डी रिपोर्ट तैयार करना असंभव है।
तो अब कैसे होगा खराबे का आंकलन:- तहसीलदार भीवराव सिंह ने बताया कि ऐसी स्थिति में जिला कलेक्टर से जीपीएस लोकेशन डिसेबल करने का अनुरोध किया जाएगा, ताकि पटवारी पुराने तरीके से गिरदावरी कर सकें और खराबे का आकलन हो सके। इस मांग को जिला कलेक्टर को भेजा गया है।
