महा-आंदोलन का शंखनादः दिल्ली में गूंजेगा ‘सरस बचाओ-अमूल भगाओ’ का नारा, पशु आहार संकट से आक्रोशित हजारों किसान सरस डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी के नेतृत्व में कल करेंगे कूच
दिल्ली में वोट बचाओ- देश बचाओ धरने के बीच बुलन्द होगा सरस बचाओ अमूल भगाओ का उद्घोष* 01 नवंबर को दिल्ली में करेंगे धरना प्रदर्शन
अजमेर। आगामी 1 नवंबर को दिल्ली की सड़कों पर राजस्थान के किसानों और दुग्ध उत्पादकों का सैलाब उमड़ने वाला है। ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महाधरने में अजमेर सरस डेयरी से जुड़े हजारों किसान अब आर-पार की लड़ाई का शंखनाद करेंगे। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाले इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में शामिल होने के लिए, अजमेर डेयरी अध्यक्ष और कांग्रेस नेता रामचंद्र चौधरी की अगुवाई में कल ( 31 अक्टूबर ) शाम हजारों अन्नदाता दिल्ली के लिए हुंकार भरते हुए कूच करेंगे।
‘सरस बचाओ-अमूल भगाओ’ की हुंकार
इस विशाल धरने में श्वेत क्रांति के प्रहरी किसान ‘सरस बचाओ-अमूल भगाओ’ का गगनभेदी उद्घोष करेंगे। यह प्रदर्शन राजस्थान की गौरवशाली सहकारी दुग्ध व्यवस्था को बचाने और बाहरी ब्रांड के अतिक्रमण को रोकने की एक निर्णायक जंग है।
प्रशासनिक अनदेखी की हदः RCDF ने मूंदी आंखें, छला गया किसान
इस उग्र आंदोलन का सबसे बड़ा कारण पशु आहार का वह भयंकर संकट है, जिसने किसानों की कमर तोड़ दी है। पिछले छह माह से पशुपालक दाने-दाने को मोहताज हैं। डेयरी संस्थाओं में पूरा अग्रिम भुगतान करने के बावजूद, उन्हें अपनी जरूरत का मात्र 20 से 25 प्रतिशत पशु आहार ही मिल पा रहा है।
पशु आहार की आपूर्ति के लिए दुग्ध संघों और किसानों ने आरसीडीएफ (RCDF) से बार-बार संपर्क किया और लगातार गुहार लगाई, लेकिन वहां से कोई सुनवाई नहीं हुई। कुंभकर्णी नींद सो रहे आरसीडीएफ के इस अड़ियल और लापरवाह रवैये ने ही किसानों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। इसी प्रशासनिक अनदेखी के चलते किसान अब एक उम्र विद्रोह के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
आंदोलन के प्रमुख मुद्दे और आर-पार की मांगें:
दिल्ली कूच के दौरान पशु आहार की किल्लत और RCDF की लापरवाही के अलावा इन ज्वलंत मुद्दों पर भी सरकार को घेरा जाएगा:
सरस का स्वाभिमानः राजस्थान में ‘अमूल’ जैसे बाहरी ब्रांड को जबरन थोपने की साजिश का कड़ा विरोध और प्रदेश के अपने ‘सरस ब्रांड का हर हाल में संरक्षण।
संबत योजना में पारदर्शिताः मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत बांटी जा रही अनुदान राशि में हो रही भारी अनियमितताओं पर तत्काल रोक और पारदर्शी वितरण।
करोड़ों का बकाया भुगतानः मिड-डे मील योजना के तहत लंबे समय से अटके हुए करोड़ों रुपयों का तुरंत प्रभाव से भुगतान।
तकनीकी अधिकारियों सहित 3000 पद रिक्तः गर्त में जा रहा ‘सरस’ ब्रांड
आरसीडीएफ का कुप्रबंधन केवल पशु आहार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने पूरे डेयरी तंत्र को खोखला कर दिया है। वर्तमान में RCDF और प्रदेश के विभिन्न जिला संघों में तकनीकी अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लगभग 3000 पद खाली पड़े हैं। लंबे समय से एक भी नए कर्मचारी या अधिकारी की नियमित भर्ती नहीं की गई है और पूरा काम मात्र 20% स्थायी कर्मचारियों के कंधों पर बोझ डालकर घसीटा जा रहा है। तकनीकी अमले की भारी कमी और जानबूझकर बरती गई इस घोर प्रशासनिक लापरवाही के चलते सरस के दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई है। यही लापरवाही कभी पूरे देश में प्रतिष्ठित रहे ‘सरस’ ब्रांड को अब पूर्ण अवनति की गर्त में धकेल रही है।
डोटासरा के वादे की दिल्ली में होगी अग्निपरीक्षा
डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह कूच पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के उस आह्वान का नतीजा है, जो उन्होंने 23 अगस्त 2026 को अजमेर के कच्छावा गार्डन की जनसभा में किया था। डोटासरा ने किसानों को भरोसा दिलाया था कि यदि प्रदेश सरकार सरस के हितों कीअनदेखी कर अमूल को थोपती है, तो इसके खिलाफ दिल्ली में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कल का यह दिल्ली कूच उसी वादे और आक्रामक रणनीति का सीधा परिणाम है।
सहकारिता को बचाने की ऐतिहासिक क्रांति
इस महा-आंदोलन में विभिन्न दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के बीएमसी (बल्क मिल्क कूलर) सदस्य भी अपनी पूरी ताकत झोंकेंगे। पिछले 37 वर्षों से अजमेर डेयरी की कमान संभाल रहे और 2024 के लोकसभा प्रत्याशी रहे रामचंद्र चौधरी के नेतृत्व में यह कूच सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि दुग्ध उत्पादकों के लोकतांत्रिक अधिकारों, उनके आर्थिक हितों और सहकारिता तंत्र को अफसरों की तानाशाही से मुक्त कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बनने जा रहा है।