निकाय चुनाव की तर्ज पर पंचायत चुनाव में उतरेगी भाजपा, घोषणा पत्र के बाद ऐनवक्त पर आएगी प्रत्याशियों की सूची

निकाय चुनाव की तर्ज पर पंचायत चुनाव में उतरेगी भाजपा, घोषणा पत्र के बाद ऐनवक्त पर आएगी प्रत्याशियों की सूची
Spread the love

जयपुर – प्रतीक पाराशर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी निकाय चुनावों में अपनाई गई रणनीति को पंचायत चुनाव में भी लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत गांवों के विकास का रोडमैप पेश करने के लिए घोषणा पत्र जारी किया जाएगा, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के प्रत्याशियों की सूची नामांकन की अंतिम तारीख के आसपास जारी करने की रणनीति है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा पंचायत चुनाव के लिए संभाग स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक प्रभारियों की नियुक्ति कर चुकी है। निकाय चुनाव की तर्ज पर गांवों की स्थानीय जरूरतों और विकास कार्यों को केंद्र में रखकर घोषणा पत्र तैयार किया जा रहा है। इसमें आगामी पांच वर्षों के विकास कार्यों का खाका प्रस्तुत करने की तैयारी है। जानकारी के अनुसार, घोषणा पत्र पहले चरण के नामांकन से पहले जारी किया जा सकता है।

प्रत्याशी चयन को लेकर भी पार्टी ने सूची पहले जारी करने के बजाय अंतिम समय तक इंतजार करने की रणनीति अपनाई है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए अभी तक प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में नामांकन की अंतिम तारीख से एक दिन पहले 12 अक्टूबर को अधिकांश प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जा सकते हैं। पहले चरण में 13 अक्टूबर तक नामांकन की प्रक्रिया निर्धारित होने की जानकारी दी गई है। इस चरण में 16 जिलों की जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के सदस्यों के लिए चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

पार्टी की रणनीति में संभावित बगावत को रोकना भी शामिल है। बड़े दावेदारों को निर्दलीय या अन्य विकल्पों के जरिए चुनाव मैदान में उतरने से रोकने और असंतुष्ट नेताओं को मनाने की जिम्मेदारी प्रदेश नेतृत्व संभालेगा। चुनाव परिणामों के बाद जिला परिषद प्रमुख के चुनाव तक विजयी प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए बाड़ाबंदी किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। इसका उद्देश्य प्रमुख पदों के चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका को कम करना है।

इधर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिल्ली में कांग्रेस के चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन पर निशाना साधा। उन्होंने इसे राजनीतिक नौटंकी बताते हुए कहा कि यदि कांग्रेस को आयोग से कोई शिकायत है तो उसे नियमानुसार प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। राठौड़ के अनुसार, प्रदर्शन से निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी और न ही चुनाव प्रक्रिया पर इसका असर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसा कर रही है।

Vijay Kumar Parashar

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *