महार्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर बना प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय जिसने शुरू किया ‘डिजिटल मूल्यांकन’ कार्य

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महार्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर बना प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय जिसने शुरू किया ‘डिजिटल मूल्यांकन’ कार्य

अजमेर,
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मूल्यांकन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करने हेतु ‘डिजिटल मूल्यांकन / ऑन-स्क्रीन मार्किंग समाधान’ की शुरुआत कर दी है। यह कार्य विश्वविद्यालय द्वारा 6 अगस्त 2025 को सफलतापूर्वक प्रारंभ किया गया।विशेष उल्लेखनीय बात यह है कि राजस्थान राज्य का यह एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसने इस अभिनव पहल को समय से पूर्व अपनाया और इसे प्रभावी रूप से कार्यान्वित किया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि उनके 23 जुलाई 2025 को कुलगुरु पद के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से परीक्षाओं की कॉपियों का स्कैन कर ऑनलाइन मूल्यांकन किया जा रहा है, जिससे परिणाम प्रक्रिया में पारदर्शिता, सटीकता और मानकीकरण सुनिश्चित हुआ है। यह पहल राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा प्रोत्साहित ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन’ की दिशा में विश्वविद्यालय की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।विश्वविद्यालय के इस प्रयास ने न केवल शैक्षणिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आधुनिक स्वरूप दिया है बल्कि राजस्थान के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

Vijay Kumar Parashar

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