प्रस्ताव मिलने पर कृषि उपज मण्डी ब्यावर की भूमि पर मिनी सचिवालय बनाने के संबंध में विचार
प्रस्ताव मिलने पर कृषि उपज मण्डी ब्यावर की भूमि पर मिनी सचिवालय बनाने के संबंध में विचार
- जल संसाधन मंत्री 05 मार्च 2026, 02:44 PM
जयपुर, 5 मार्च। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि कृषि उपज मण्डी समिति ब्यावर के मुख्य मण्डी प्रांगण में रिक्त भूमि नहीं है। मण्डी के नाम 149 बीघा 11 बिस्वा भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है, जो कि वर्तमान में मण्डी के उपयोग में आ रही है। साथ ही कृषि विपणन के लिए आरक्षित है।
उन्होंने कहा कि मण्डी समिति से इस भूमि के अन्य उपयोग के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त होने पर किसानों एवं व्यापारियों की सुविधा, मण्डी में आवक एवं स्थानीय मांग को ध्यान में रखकर गुणावगुण के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
श्री रावत प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्री शंकर सिंह रावत द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का कृषि विपणन मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से प्रस्ताव मिलने पर कृषि उपज मण्डी ब्यावर की भूमि पर मिनी सचिवालय बनाने के संबंध में विचार किया जाएगा।
इससे पहले सदस्य श्री रावत के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि कृषि उपज मण्डी समिति, ब्यावर में बरसाती पानी एवं मण्डी प्रांगण में स्थापित ऊन प्रसंस्करण इकाई श्री ऊन विकास सहकारी उद्योग लि. से ऊन धुलाई के पश्चात् निकलने वाले पानी की निकासी हेतु नाला निर्मित है। श्री रावत ने बताया कि कृषि उपज मण्डी समिति, ब्यावर द्वारा हरित राजस्थान योजनान्तर्गत 425 पेड़-पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने इसका विवरण सदन के पटल पर रखा।