नवगठित 8 जिला परिषदों के लिए 88 नए पद स्वीकृत अब RDS भी जिला परिषदों में IAS व RAS के अलावा बनेंगे सीईओ
प्रदेश में जिला परिषदों के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसे नौकरशाही के अंदर ‘पावर शिफ्ट’ के रूप में देखा जा रहा है। नवगठित 8 जिला परिषदों के लिए जारी आदेश में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद को अब स्पष्ट रूप से राजस्थान ग्रामीण विकास सेवा (आरडीएस) के कैडर से जोड़ दिया गया है। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल की ओर से यह आदेश जारी किया गया है। अब तक यह पद आमतौर पर आईएएस या आरएएस अधिकारियों को पोस्टिंग के जरिए दिया जाता था, लेकिन नए आदेश में सीईओ का पे-लेवल एल-21 रखते हुए इसे ग्रामीण विकास सेवा का उच्चतम कैडर पद बना दिया गया है। इससे संकेत साफ है कि सरकार जिला परिषदों में जनरलिस्ट ब्यूरोक्रेसी की जगह स्पेशलाइज्ड कैडर को आगे बढ़ाना चाहती है।ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार डीडवाना कुचामन, बालोतरा, फलोदी, सलूम्बर, कोटपूतली-बहरोड़, ब्यावर, डीग और खैरथल-तिजारा जैसे नवगठित जिलों की परिषदों के लिए कुल 88 नए पदों का सृजन किया गया है। इनमें सबसे अहम पद सीईओ का है, जिसे अब स्थायी रूप से आरडीएस कैडर के तहत रखा गया है। यानी अब यह पद केवल ‘पोस्टिंग’ नहीं, बल्कि कैडर-आधारित नियुक्ति की दिशा में बढ़ता दिख रहा है। हर जिले में पदों में भी बढ़ोतरी की गई आदेश के मुताबिक प्रत्येक जिला परिषद में दो चालक और दो सहायक कर्मचारियों के पद भी स्वीकृत किए गए हैं। ये संविदाकर्मी होंगे। सीईओ के अलावा प्रत्येक जिला परिषद में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, परियोजना लेखा अधिकारी, सहायक लेखाधिकारी ग्रेड-द्वितीय, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, निजी सहायक, सूचना सहायक और वरिष्ठ सहायक के एक-एक पद होंगे। साथ ही प्रत्येक जिला परिषद में कनिष्ठ सहायक के तीन-तीन पद स्वीकृत किए गए हैं।सभी
अभी आरडीएस सुपर टाइम स्केल के 52 अधिकारी हैं। इन्हीं में से आठ जिलों में अभी सीईओ बनेंगे। संभाग मुख्यालयों पर आईएएस लगाए जाएंगे। शेष जिलों में आरएएस देखे जा सकते हैं। हमें सभी परिषदोंमें मौका मिलना चाहिए। – सोहनलाल डारा, प्रदेशाध्यक्ष,
राजस्थान पंचायतीराज राज कैडर के लिए क्यों आदेश अहमजिला परिषदों में योजनाओं के क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कामकाज में आरडीएस अफसरों को भूमिका और मजबूत होगी। इसके अलावा नए जिलों की परिषदों में सीईओ पद केवल पोस्टिंग आधारित व्यवस्था नहीं रहेगा, बल्कि कैडर आधारित नियुक्ति की