निकाय चुनाव में तकनीकी खराबी से नहीं रुकेगा मतदान, ईवीएम को लेकर आयोग ने जारी किए नए निर्देश
‘क्लॉक एरर’ आने पर भी जारी रहेगा मतदान, मॉक पोल और वास्तविक मतदान के दौरान मशीन बदलने के लिए अलग-अलग प्रोटोकॉल
जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं और ईवीएम संचालन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग का फोकस तकनीकी समस्या के कारण मतदान में अनावश्यक देरी को रोकने पर है।
इस बार नगरीय निकाय चुनाव में मल्टी पोस्ट मल्टी वोट (MPMV) मॉडल की ईवीएम के इस्तेमाल की व्यवस्था की गई है। इन मशीनों का निर्माण हैदराबाद स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) द्वारा किया गया है।
ईवीएम में ‘क्लॉक एरर’ तो भी जारी रहेगा मतदान
आयोग के निर्देशों के अनुसार, यदि मतदान केंद्र पर ईवीएम शुरू करते समय डिस्प्ले पर ‘क्लॉक एरर’ दिखाई देता है या मशीन में दर्ज समय वास्तविक समय से अलग पाया जाता है, तो केवल इस आधार पर मतदान प्रक्रिया नहीं रोकी जाएगी।
यदि मशीन के अन्य सभी कार्य सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं तो कंट्रोल यूनिट (CU) को बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।
ऐसी स्थिति में पीठासीन अधिकारी द्वारा निर्धारित पंचनामा (प्रपत्र-1) तैयार किया जाएगा। इस पर मतदान अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर करवाकर इसे पीठासीन अधिकारी की डायरी के साथ जमा कराया जाएगा।
मॉक पोल के दौरान केवल खराब यूनिट बदलेगी
आयोग ने ईवीएम में खराबी आने की स्थिति में मशीन बदलने की प्रक्रिया को दो अलग-अलग परिस्थितियों में बांटा है।
मॉक पोल के दौरान यदि बैलेट यूनिट (BU) या कंट्रोल यूनिट (CU) में से कोई एक यूनिट खराब होती है, तो केवल उसी खराब यूनिट को बदला जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मॉक पोल कराया जाएगा।
वास्तविक मतदान में पूरा सेट बदलेगा
वहीं, वास्तविक मतदान शुरू होने के बाद यदि बैलेट यूनिट या कंट्रोल यूनिट में से किसी एक में तकनीकी खराबी आती है तो पूरी ईवीएम यूनिट यानी BU और CU दोनों को बदला जाएगा।
नई मशीन लगाने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दोबारा मॉक पोल कराया जाएगा और इसके बाद ही वास्तविक मतदान शुरू किया जाएगा।
तकनीकी समस्या से मतदान प्रभावित नहीं करने पर जोर
आयोग के दिशा-निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईवीएम से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण मतदान प्रक्रिया अनावश्यक रूप से बाधित न हो। विशेष रूप से ‘क्लॉक एरर’ जैसी स्थिति में, जब मशीन के बाकी सभी कार्य सामान्य हों, केवल समय संबंधी त्रुटि के कारण मतदान रोकने के बजाय निर्धारित दस्तावेजी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इस व्यवस्था से मतदान दलों को तकनीकी परिस्थितियों में स्पष्ट प्रक्रिया मिलेगी और मतदान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तरीके से जारी रखने में मदद मिलेगी।