गौचर भूमि पर अतिक्रमण करने वालों पर सख्ती, 15 दिन में कार्रवाई की रिपोर्ट
अजमेर। प्रदेश की ग्राम पंचायतों की गौचर भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को लेकर पंचायती राज विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र में गौचर भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को चिन्हित किया जाएगा। इनमें सबसे अधिक क्षेत्रफल में अतिक्रमण करने वाले 10 बड़े अतिक्रमणकारियों की सूची तैयार कर कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाएगी।
सार्वजनिक होगी अतिक्रमणकारियों की जानकारी
विभाग ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए चयनित अतिक्रमणकारियों के नाम, फोटो और अतिक्रमित भूमि के माप सहित अन्य जानकारी ग्राम पंचायत भवन, मुख्य चौराहे और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस जानकारी को समाचार पत्रों और अन्य मीडिया माध्यमों के जरिए भी प्रकाशित करवाने को कहा गया है।
पंचायती राज विभाग के उप सचिव एवं शासन उप सचिव (प्रथम) भारत भूषण गोयल की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि पंचायत राज मंत्री के निर्देशानुसार गौचर भूमि पर हो रहे अतिक्रमणों को चिन्हित कर सबसे बड़े अतिक्रमणों को हटाने को प्राथमिकता दी जाए। विभाग की ओर से पहले भी गौचर भूमि पर सबसे अधिक क्षेत्रफल में अतिक्रमण करने वालों की सूची मांगी गई थी।
15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
गौचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना 15 दिवस के भीतर विभाग को उपलब्ध करवानी होगी। इससे जिला स्तर पर गौचर भूमि के अतिक्रमणों की निगरानी और कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
विभाग के इस आदेश के बाद उन ग्राम पंचायतों में भी कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है, जहां लंबे समय से गौचर भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें सामने आती रही हैं। अतिक्रमण हटाने के साथ अतिक्रमणकारियों की जानकारी सार्वजनिक करने के निर्देश से संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के तहत होगी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट किया है कि गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 165 के तहत कार्रवाई की जाए। संबंधित पंचायतों को अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
यदि अतिक्रमणकारी कार्रवाई के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।