नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशियों की खर्च सीमा बढ़ी, नगर निगम पार्षद अब 3.50 लाख रुपए तक कर सकेंगे खर्च
जयपुर। राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनाव से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की सीमा बढ़ा दी है। नई व्यवस्था के तहत नगर निगम और नगर परिषद के पार्षद प्रत्याशियों को अब पहले की तुलना में एक लाख रुपए अधिक खर्च करने की अनुमति होगी। वहीं नगर पालिका पार्षद प्रत्याशियों की खर्च सीमा में 50 हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
किस निकाय में कितनी खर्च सीमा?
| निकाय | पुरानी सीमा | नई सीमा | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| नगर निगम पार्षद | 2.50 लाख रुपए | 3.50 लाख रुपए | 1 लाख रुपए |
| नगर परिषद पार्षद | 1.50 लाख रुपए | 2.50 लाख रुपए | 1 लाख रुपए |
| नगर पालिका पार्षद | 1 लाख रुपए | 1.50 लाख रुपए | 50 हजार रुपए |
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार और अन्य चुनावी गतिविधियों में निर्धारित खर्च सीमा का पालन करना होगा। चुनावी खर्च का लेखा-जोखा भी आयोग के नियमों के अनुसार रखना होगा।
मतदान के दिन वाहन के लिए लेनी होगी अनुमति
मतदान के दिन चुनावी कार्य के लिए वाहन का इस्तेमाल करने वाले प्रत्याशियों को इसके लिए अलग से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों के इस्तेमाल को लेकर भी राज्य निर्वाचन आयोग की निर्धारित व्यवस्था लागू रहेगी।
निकाय चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण
राज्य में नगरीय निकाय चुनाव में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान रहेगा, जबकि पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण मिलेगा। निकायों में महिलाओं के आरक्षण को बढ़ाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 243-D में संशोधन की आवश्यकता होगी।
आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर खर्च सीमा में बढ़ोतरी से प्रत्याशियों को प्रचार अभियान के लिए अतिरिक्त वित्तीय गुंजाइश मिलेगी। वहीं आयोग के निर्देशों के तहत चुनावी खर्च और वाहनों के उपयोग पर निगरानी भी जारी रहेगी।