शाहपुरा जिला बहाली आंदोलन, मुख्यमंत्री के नाम 11वां स्मरण पत्र।


‘ब्लैक डे’ पर फूटा जनाक्रोश, नारेबाजी कर किया प्रदर्शन।
सरकार के सकारात्मक आश्वासन पर जनता ने उठाए सवाल।
अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार।
आंदोलन को और तेज करने की दी चेतावनी।
शाहपुरा 28 अप्रैल, 2026। शाहपुरा को पुनः जिला घोषित करने की मांग को लेकर शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति का आंदोलन एक साल चार महीने बाद भी पूरी शिद्दत के साथ जारी है। मंगलवार को संघर्ष समिति ने एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम 11वां स्मरण पत्र सौंपकर सरकार को शाहपुरा को फिर से जिला बनाने का अपना वादा याद दिलाया।
’ब्लैक डे’ पर गूंजे नारे, न्यायिक कार्यों का बहिष्कार: समिति के महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि 28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा का जिला दर्जा समाप्त होने के बाद से क्षेत्र की जनता हर महीने की 28 तारीख को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाती है। इसी कड़ी में मंगलवार को प्रातः सवा 10 बजे उपखंड कार्यालय के बाहर अधिवक्ताओं और आमजन ने शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
अभिभाषक संस्था शाहपुरा ने ब्लैक डे के समर्थन में न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार रखा, जिससे अदालती कामकाज ठप रहा।
सरकार के सकारात्मक आश्वासन पर उठाए सवाल: संघर्ष समिति के अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा, संयोजक रामप्रसाद जाट एवं प्रदर्शनकारियों ने उपखंड कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि 11 महीने पहले जयपुर में मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक की मौजूदगी में वार्ता हुई थी, जिसमें शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था। लेकिन ग्यारह महीने बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो आमजन के साथ छलावा है।
आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी: प्रदर्शन के दौरान
समिति संयोजक रामप्रसाद जाट एवं प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जब तक शाहपुरा को जिला होने का गौरव वापस नहीं मिल जाता, यह संघर्ष थमेगा नहीं। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान सूर्यप्रकाश ओझा, सत्यनारायण पाठक, हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा, अजय मेहता, उदय लाल बेरवा, राजेन्द्र पाण्डे, रामेश्वर लाल सोलंकी, प्रवीण पारीक, नूर मोहम्मद रंगरेज, रामेश्वर लाल धाकड़, धनराज जीनगर, रमेशचंद्र मालू, जगदीशचंद्र जाट, राधेश्याम जीनगर, इमरान खान, भेरूलाल कहार, अविनाश शर्मा, सुनील पाराशर, अरुण राव, राजू खां, महादेव सुथार, अभय गुर्जर, वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा, अनिल शर्मा, मोहम्मद शरीफ, अधिवक्ता चावंडसिंह, राजेश वर्मा, अमन ओझा, अखिल व्यास, निखिल व्यास, सोहेल खान, आशीष भारद्वाज, सुनील गुर्जर सहित कई सदस्य एवं नागरिक मौजूद थे।