डांग योजना की जिला स्तरीय क्षेत्रीय विकास समिति की बैठक—वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना का हुआ अनुमोदन—उखड़ी हुई सड़कों की मरम्मत समय पर हो, गांवों की सफाई व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती जाए-शिक्षा मंत्री
डांग योजना की जिला स्तरीय क्षेत्रीय विकास समिति की बैठक
—वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना का हुआ अनुमोदन
—उखड़ी हुई सड़कों की मरम्मत समय पर हो, गांवों की सफाई व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती जाए-शिक्षा मंत्री
जयपुर, । शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर एवं जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया की उपस्थिति में बुधवार को कोटा जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित डांग योजना की जिला स्तरीय क्षेत्रीय विकास समिति की बैठक में डांग क्षेत्रीय विकास योजना के तहत वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना का अनुमोदन किया गया।
प्रस्तावित कार्यों में प्रथम वरीयता के 8 करोड़ रुपये से अधिक के 127 कार्य एवं द्वितीय वरीयता के 12 करोड़ रुपए से अधिक के 169 कार्य शामिल हैं। इनमें ग्राम स्तर पर आवश्यकता के अनुसार विद्यालयों में विकास कार्य, कक्ष कक्ष निर्माण, इंटरलॉकिंग मय नाली, नाला निर्माण, ग्रामीण आंतरिक सड़क निर्माण, सुरक्षा दीवार का निर्माण, मुक्तिधाम एवं धार्मिक स्थलों के विकास कार्य आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।
प्रस्तावित क्षेत्रीय विकास योजना को जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन के पश्चात राज्य सरकार को भेजा जाएगा जहां डांग क्षेत्रीय विकास बोर्ड से अनुमोदन के बाद फंड एलॉटमेंट होगा। उल्लेखनीय है कि डांग विकास योजना में कोटा जिले के इटावा, सुल्तानपुर, खैराबाद एवं लाडपुरा ब्लॉक की 47 ग्राम पंचायतों के 237 गाँव शामिल हैं जिनमें आधारभूत सुविधाओं पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता से जुड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
बैठक में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि योजना के तहत स्वीकृत कार्य में यह देखा जाए कि कॉन्ट्रैक्टर इंटरलॉकिंग के साथ नाली निर्माण कार्य भी पूरा करे। उन्होंने कहा कि गांवों में पक्की नालियां नहीं होने से कीचड़ एवं गंदगी रहती है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां सड़कें उखड़ी हुई हैं उन्हें समय पर ठीक किया जाए। उन्होंने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गांवों की सफाई व्यवस्था में कोई कोताही नहीं हो और सफाई के लिए मिले पैसे का उपयोग सिर्फ सफाई व्यवस्था में ही किया जाए।