जिला कलक्टर लोक बंधु की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से अधिकतम व्यक्तियों को लाभान्वित करने के निर्देश प्रदान किए गए।
साप्ताहिक समन्वय बैठक आयोजित
जिला कलक्टर ने सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को लाभान्वित करने के दिए निर्देश
अजमेर, 22 जून। जिला कलक्टर लोक बंधु की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से अधिकतम व्यक्तियों को लाभान्वित करने के निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक में जिला कलक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता और टीम भावना के साथ ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों में आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा नवाचार के रूप में इन शिविरों के साथ कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिले के समस्त कुपोषित एवं अतिकुपोषित श्रेणी के बच्चों की चिकित्सा विभाग द्वारा जाँच की जाएगी। जाँच के उपरान्त आवश्याकतानुसार उपचार एवं पोषण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आवश्यकता होने पर उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करें।
उन्होंने कहा कि शिविरों से पूर्व सम्बन्धित ग्राम पंचायत में प्री-कैम्प गतिविधि करनी चाहिए। इस दौरान समस्त विभागों द्वारा किए जाने वाले कार्यों का चिह्निकरण किया जाए। इन कार्यों का निस्तारण कैम्प के दौरान होना चाहिए। कैम्प के दौरान नहीं हो सकने वाले कार्यों के लिए फॉलोअप कैम्प लगाएं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के आवेदनों को शिविर से पहले निस्तारित करके रखें।
उन्होंने कहा कि शिविरों के पर्यवेक्षण के लिए ब्लॉक वार अधिकारी नियुक्त किए गए है। इनके द्वारा नियमित शिविरों का निरीक्षण होना चाहिए। अधिकारी पूरे समय शिविर स्थल पर ही रहें। विभिन्न राजकीय एवं विभागीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए पूर्व तैयारी की जानी चाहिए। इसी प्रकार बन्द रास्ते भी खुलवाए जाए। राजकीय प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन की कार्यवाही की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समस्त हैण्डपम्प कार्यशील होने चाहिए। ग्रामीण एवं शहरी शिविरों के दौरान अधिकतम पेयजल के नमूनों की जाँच करें। शिविर से पहले क्षेत्र के समस्त लीकेज ठीक होने चाहिए। इसी प्रकार जल भराव के स्थानों को चिह्नित कर स्थाई समाधान निकाले। वन भूमि पर से भी अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करे। अवैध खनन को भी रोकने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि राईजिंग राजस्थान के एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। युवा स्वरोजगार योजना की स्वीकृति बढ़ाई जानी चाहिए। स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों पर भी बैठक में चर्चा की गई। राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों को संवेदनशीलता के साथ निपटाने के निर्देश देते हुए जिला कलक्टर ने विशेष रूप से 90 दिन से अधिक पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के लिए कहा।
इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामप्रकाश, अतिरिक्त जिला कलक्टर वंदना खोरवाल, सहित नगर निगम, एडीए, सार्वजनिक निर्माण, जलदाय, विद्युत, वन, उद्योग एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।