मनरेगा की जगह आज से लागू होगी ‘वीबी-जी रामजी’ योजना, केंद्र के अधिकारी करेंगे निगरानी

मनरेगा की जगह आज से लागू होगी ‘वीबी-जी रामजी’ योजना, केंद्र के अधिकारी करेंगे निगरानी
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आवाज राजस्थान की | ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास कार्यों को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार बुधवार, 1 जुलाई से ‘विकसित भारत जी-रामजी (वीबी-जी रामजी)’ VB G RAM G योजना लागू करने जा रही है। इसके साथ ही करीब दो दशक से संचालित मनरेगा की जगह नई व्यवस्था लागू होगी। योजना के तहत ग्रामीणों को 125 दिनों के रोजगार का प्रावधान रहेगा तथा 2 जुलाई को प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर जन सम्मेलन आयोजित कर इसका औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सभी जिलों को योजना के क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना के सफल संचालन के लिए केंद्र सरकार फील्ड स्तर पर अधिकारियों की तैनाती करेगी। राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक जिले में प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिनके साथ केंद्रीय अधिकारी भी कार्य करेंगे। ये अधिकारी तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर आने वाली समस्याओं का मौके पर समाधान करेंगे और गांवों से फीडबैक भी जुटाएंगे।

ग्राम सभा करेगी विकास कार्यों का चयन

नई व्यवस्था के तहत विकास कार्यों का चयन अब ‘विकसित ग्राम पंचायत प्लान’ के माध्यम से होगा। प्रत्येक ग्राम सभा अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रस्ताव पारित करेगी, जिसके बाद उसे ब्लॉक एवं जिला स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

योजना में कुल 318 प्रकार के विकास कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें 107 कार्य जल संरक्षण से जुड़े हैं, जिनमें 75 नए कार्य तथा 32 मरम्मत एवं पुनर्स्थापन से संबंधित कार्य होंगे। इसके अलावा ग्रामीण आजीविका से जुड़े 86 कार्य शामिल किए गए हैं, जिनमें 68 नए और 18 सुधारात्मक कार्य होंगे।

पहली बार आपदा प्रबंधन के 37 कार्य शामिल

नई योजना की विशेषता यह है कि पहली बार आपदा प्रबंधन से जुड़े 37 कार्यों को भी शामिल किया गया है। इन कार्यों का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

जल संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष जोर

योजना के अंतर्गत बांधों का निर्माण एवं लाइनिंग, बाढ़ डायवर्जन चैनल, वर्षा जल निकासी नालियां, तालाबों का पुनरुद्धार, बावड़ियों की मरम्मत, खेतों में नए कुएं, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी जल संरक्षण परियोजनाएं संचालित की जाएंगी।

इसके साथ ही गांवों में डामर, सीसी और इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक सड़कों, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पुस्तकालय, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, खेल मैदान, श्मशान एवं कब्रिस्तान विकास, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के लिए सोख्ता गड्ढे, बायोगैस प्लांट तथा सोलर स्ट्रीट लाइट जैसे आधारभूत विकास कार्य भी कराए जाएंगे।

केंद्र सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से ग्रामीण विकास, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और पंचायतों को अधिक अधिकार देकर गांवों में समग्र एवं टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है।

admin - awaz rajasthan ki

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