पंचायतीराज चुनाव: जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों की आरक्षण लॉटरी 17 सितंबर को
जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और उपखंड अधिकारियों को पंचायत राज संस्थाओं की आरक्षण लॉटरी को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम की ओर से 16 अगस्त 2026 को जारी आदेश में बताया गया है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत राज्य में नगरीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी की जानी है।आदेश के अनुसार नगरीय निकायों के अध्यक्ष पदों तथा जिला परिषद के जिला प्रमुख पदों के लिए आरक्षण निर्धारण एवं लॉटरी की प्रक्रिया 13 अगस्त को पूरी की जा चुकी है। अब पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के दूसरे चरण को लेकर आरक्षण लॉटरी की तारीख तय कर दी गई है।17 सितंबर को जिला स्तर की लॉटरीविभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला परिषद सदस्य, प्रधान एवं पंचायत समिति सदस्य पदों की आरक्षण/लॉटरी 17 सितंबर 2026 को निकाली जाएगी। इसके बाद 18 सितंबर 2026 को उपखंड स्तर पर सरपंच एवं वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी।जिला कलेक्टरों और उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आरक्षण एवं लॉटरी की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।चुनावी तैयारियों में आएगी तेजीआरक्षण लॉटरी की तारीख तय होने के साथ ही गांवों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। जिला परिषद सदस्य, प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और वार्ड पंच के पदों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद संभावित उम्मीदवारों की राजनीतिक सक्रियता भी बढ़ेगी।राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग का लक्ष्य उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप 15 नवंबर 2026 तक पंचायतीराज संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया पूरी करना है। ऐसे में सितंबर में होने वाली आरक्षण लॉटरी को चुनावी तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।