भजनलाल कैबिनेट के बड़े फैसले: राजस्थान में UCC बिल को मंजूरी, मृत कर्मचारी की पुत्रवधू को भी अनुकंपा नौकरी; 29 प्रजातियों के पेड़ों को संरक्षण
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार, 13 अगस्त को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक के प्रस्ताव, सेवा नियमों में बदलाव और ट्री प्रोटेक्शन बिल को मंजूरी दी गई। अब 20 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में UCC समेत अन्य प्रस्तावों को विधेयक के रूप में पेश कर पारित कराने की तैयारी है
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, मंत्री के.के. विश्नोई और कन्हैयालाल चौधरी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
राजस्थान में UCC का रास्ता साफ
कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता विधेयक के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। सरकार अब इसे विधानसभा के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित कानून के तहत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों से जुड़े मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है।
सरकार के अनुसार UCC के दायरे से आदिवासी समुदायों को बाहर रखा जाएगा, ताकि उनकी पारंपरिक सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्थाओं को संरक्षण मिल सके। साथ ही विभिन्न समुदायों को अपनी धार्मिक-सामाजिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करने की स्वतंत्रता रहेगी।
बहुविवाह पर रोक, बेटा-बेटी को समान अधिकार
प्रस्तावित UCC में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान बताया गया है। विवाह का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा और विवाह के 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
उत्तराधिकार के मामलों में पुत्र और पुत्रियों को समान अधिकार देने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य लैंगिक आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त कर सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करना है।
मृत कर्मचारी की पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति
कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के हित में भी महत्वपूर्ण फैसला किया है। मृत सरकारी कर्मचारी की पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। सेवा नियमों में बदलाव के बाद पात्रता की स्थिति में कर्मचारी के निधन के बाद उसकी पुत्रवधू को भी अनुकंपा नौकरी मिल सकेगी।
इसके अलावा कार्मिकों को पदोन्नति में दो वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया है।
दो साल में नौकरी छोड़ने पर सिर्फ ट्रेनिंग खर्च की वसूली
सेवा नियम 1951 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत यदि कोई कर्मचारी दो वर्ष के भीतर नौकरी छोड़ता है, तो उससे केवल प्रशिक्षण पर हुआ खर्च ही वसूल किया जाएगा। सरकार के इस फैसले को कार्मिकों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
सरोगेट माताओं को 90 दिन का मातृत्व अवकाश
कैबिनेट ने सरोगेट माताओं को 90 दिन का मातृत्व अवकाश देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह निर्णय महिला कार्मिकों से जुड़े सेवा नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
29 प्रजातियों के पेड़ों को मिलेगा संरक्षण
राजस्थान सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर ट्री प्रोटेक्शन बिल को भी मंजूरी दी है। इसके तहत खेजड़ी, रोहिड़ा, पीपल सहित 29 प्रजातियों को संरक्षित श्रेणी में रखा जाएगा। इन पेड़ों को काटने या गिराने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
पेड़ काटने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेनी होगी। सरकार के अनुसार किसी पेड़ को काटने की अनुमति दिए जाने की स्थिति में उसके स्थान पर 10 प्रतिशत अधिक पेड़ लगाए जाएंगे।
नियमों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपए तक का जुर्माना, एक साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाना और रेगिस्तान के विस्तार को रोकना है।
20 अगस्त से विधानसभा का मानसून सत्र
राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 20 अगस्त से शुरू होना प्रस्तावित है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब UCC और ट्री प्रोटेक्शन बिल समेत अन्य प्रस्तावों को विधानसभा में पेश करने और पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
UCC को लेकर राजस्थान सरकार का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तराखंड के बाद राजस्थान भी समान नागरिक संहिता को लेकर कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले अंतिम विधेयक और विधानसभा में होने वाली चर्चा के बाद इसकी विस्तृत तस्वीर साफ होगी।