राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी करेंगे गतिविधियों का निरीक्षण, लाभार्थियों से करेंगे संवाद,प्रसूताओं की स्क्रीनिंग जांच के 5 दिवसीय अभियान की निगरानी और फीड बैक लेंगे

Spread the love

राज्यभर में कल आयोजित होगा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस

राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी करेंगे गतिविधियों का निरीक्षण, लाभार्थियों से करेंगे संवाद

निदेशालय से 15 डॉक्टर्स के दल फील्ड में भेजे गए

प्रसूताओं की स्क्रीनिंग जांच के 5 दिवसीय अभियान की निगरानी और फीड बैक लेंगे

जयपुर, 15 जुलाई। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में गुरुवार को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (MCHND) का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा शिशुओं एवं बच्चों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत निर्धारित विभिन्न स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

राठौड़ ने बताया कि 15 जुलाई से प्रदेशभर में गर्भवती महिलाओं की सघन स्क्रीनिंग के लिए 5 दिवसीय विशेष अभियान चल रहा है,निदेशालय से भी 15 चिकित्सकों के दलों को भी फ़ील्ड में भेजा गया है,जो अभियान की निगरानी करेंगे और फ़ीड बैक लेंगे ।

राठौड़ ने बताया कि राज्यस्तरीय अधिकारियों के अतिरिक्त जिला एवं ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में एमसीएचएन सत्र स्थलों एवं स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, आवश्यक दवाओं एवं जांचों की उपलब्धता, टीकाकरण, रिकॉर्ड संधारण तथा सेवा गुणवत्ता का आंकलन किया जाएगा।

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि एमसीएचएन दिवस पर गर्भवती महिलाओं को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार समग्र प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें गर्भावस्था का पंजीकरण, रक्तचाप एवं वजन की जांच, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा तथा मूत्र की आवश्यक जांच, रक्त समूह एवं अन्य निर्धारित प्रयोगशाला जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) की समय पर पहचान, आवश्यकतानुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थान के लिए रेफरल, टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) टीकाकरण, आयरन-फोलिक एसिड एवं कैल्शियम की दवाओं का वितरण तथा नियमित सेवन के संबंध में परामर्श प्रदान किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, गर्भावस्था के दौरान दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों की पहचान, समय पर संस्थागत प्रसव, जन्म तैयारी, नवजात शिशु की देखभाल, जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान प्रारंभ करने, छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने, प्रसवोत्तर देखभाल तथा परिवार नियोजन संबंधी परामर्श भी दिया जाएगा।

admin - awaz rajasthan ki

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *