आवारा गायों और सांडों से किसानों की बोई फसलें चोपट, ग्रामीणों ने समाधान की मांग
आवारा गायों और सांडों से किसानों की बोई फसलें चोपट, ग्रामीणों ने समाधान की मांग
हंसराज खारोल, कुशायता (पत्रकार)
कुशायता। कुशायता, बिसुदनी, गोरधा, पिपलाज, सदारा, आमली, सोकिया का खेड़ा, सूरजपुरा, कीडवा का झोपड़ा, मोटालाव सहित आसपास के गांवों में आवारा गायों और सांडों का आतंक किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। खेतों में हाल ही में बोई गई फसलों को आवारा पशु लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों एवं किसानों मेवालाल मीणा, हेमराज सिंह दरोगा, रवि वैष्णव, ओमप्रकाश मीणा, गोपाल मीणा (पूर्व सरपंच), गंगाराम मीणा, भवानीराम मीणा, मिश्रीलाल मीणा, हीरालाल मीणा तथा मानसिंह मीणा ने बताया कि मक्का, ज्वार, उड़द, तिल, बाजरा और मूंग जैसी खरीफ फसलें बोने के बाद आवारा गायों और सांडों के झुंड खेतों में घुसकर फसलों को पूरी तरह चौपट कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि दिन-रात खेतों की रखवाली करने के बावजूद आवारा पशुओं से फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। इससे उनकी मेहनत और खेती पर संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि आवारा पशुओं को गौशालाओं में भेजने तथा फसलों की सुरक्षा के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों को राहत मिल सके।