राजस्थान निकाय चुनाव: महिलाओं के आरक्षण की तस्वीर साफ, निकायों में 33% और पंचायतों में 50% आरक्षण
जयपुर। राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनावों से पहले महिला आरक्षण और प्रत्याशियों के चुनावी खर्च को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत, जबकि पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण रहेगा। आरक्षण के लिए लॉटरी प्रक्रिया की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
पंचायतों में 50%, निकायों में 33% महिला आरक्षण
आगामी पंचायती राज चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। वहीं नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू रहेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की आरक्षित सीटों में भी निर्धारित अनुपात के अनुसार महिला आरक्षण किया जाएगा।
स्वायत्त शासन विभाग की ओर से निकायों के लिए 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के आधार पर लॉटरी प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है। वहीं पंचायती राज विभाग 50 प्रतिशत महिला आरक्षण के आधार पर सीटों के निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।
निकायों में 50% आरक्षण का मामला अटका
राज्य सरकार ने वर्ष 2008 में पंचायतों और शहरी निकायों में महिलाओं का आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। हालांकि, शहरी निकायों में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण का मामला कानूनी विवाद के चलते आगे नहीं बढ़ सका। इसके चलते राजस्थान के नगरीय निकायों में फिलहाल 33 प्रतिशत महिला आरक्षण ही लागू रहेगा।
पार्षद प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की सीमा बढ़ी
राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव में पार्षद प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की सीमा भी निर्धारित की है। इसके तहत—
- नगर निगम पार्षद: अधिकतम 3.50 लाख रुपए
- नगर परिषद पार्षद: अधिकतम 2.50 लाख रुपए
- नगर पालिका पार्षद: अधिकतम 1.50 लाख रुपए
नगर परिषद पार्षदों के लिए खर्च की सीमा में 50 हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
चुनाव खर्च का 15 दिन में देना होगा हिसाब
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रत्याशियों को अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण निर्धारित अवधि में जमा करना होगा। प्रत्याशियों को परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर चुनावी खर्च का विस्तृत ब्योरा निर्वाचन विभाग के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
मतदान के दिन प्रत्याशी को वाहन के इस्तेमाल के लिए निर्वाचन अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी। वहीं चुनाव कार्यालयों पर लाउडस्पीकर लगाने पर प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव के लिए 29.64 करोड़ रुपए का बजट
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए कुल 29.64 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है। इसमें 10 नगर निगमों के लिए 10.31 करोड़ रुपए, जबकि नगर पालिकाओं एवं नगर परिषदों के लिए 19.33 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
चुनाव प्रक्रिया में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के यात्रा भत्ते, दैनिक भत्ते सहित अन्य चुनावी व्यवस्थाओं पर यह राशि खर्च की जाएगी।
आरक्षण की लॉटरी पर टिकी निगाहें
निकाय और पंचायत चुनावों से पहले अब संभावित प्रत्याशियों की नजर आरक्षण की लॉटरी पर है। सीटों के आरक्षण का निर्धारण होने के बाद चुनावी तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी और दावेदार अपने-अपने क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज कर सकेंगे।