फार्म पौण्ड में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा उपाय अपनाना आवश्यकजल संरक्षण के साथ-साथ जीवन की सुरक्षा भी है सामूहिक जिम्मेदारी
फार्म पौण्ड में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा उपाय अपनाना आवश्यक
जल संरक्षण के साथ-साथ जीवन की सुरक्षा भी है सामूहिक जिम्मेदारी
अजमेर, 24 अगस्त। फार्म पौण्ड में डूबने की दुर्घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए आमजन एवं पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से कृषि आयुक्तालय, राजस्थान, जयपुर द्वारा फार्म पौण्ड (खेत तलाई) एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं के संबंध में आवश्यक सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं।
जिला परिषद के संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा सभी कृषकों एवं संबंधित लाभार्थियों से अपील की गई है कि अपनी डिग्गी, फार्म पौण्ड एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं पर सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। प्रत्येक फार्म पौण्ड के चारों कोनों पर पर्याप्त लंबाई की मजबूत रस्सी स्थायी रूप से गाड़े गए खूटों से सुरक्षित रूप से बांधी जाए एवं न्यूनतम एक से 2 पुराने टायरों में हवा भरकर अथवा अन्य उपयुक्त लाईफ सेविंग फ्लॉट को रस्सी से बांधकर हमेशा पानी में उपलब्ध रखा जाए।
उन्होंने बताया कि फार्म पौण्ड के चारों ओर न्यूनतम 2 फीट ऊंची सुरक्षा दीवार तथा उसके ऊपर जाली, कांटेदार तार अथवा अन्य उपयुक्त सुरक्षा बाड़ की व्यवस्था की जाए। सावधान एवं खतरा संकेतक लगाएं फार्म पौण्ड के निर्माण के पश्चात उनके समीप लाल रंग में सावधान एवं खतरा, जल गहरा है, बच्चों को दूर रखें जैसे चेतावनी संकेतक अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
उन्होंने बताया कि फार्म पौण्ड में कृषक की सुविधा के अनुसार प्लास्टिक रस्सी, लकड़ी अथवा लोहे की सीढ़ी स्थापित की जाए। सभी नवीन डिग्गी, फार्म पौण्ड एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं में उपयुक्त सुरक्षा उपायों की पूर्ण पालना करना अनिवार्य होगा। सुरक्षा प्रावधानों की पूर्ण अनुपालना के बिना निर्माण कार्य को पूर्ण नहीं माना जाएगा। साथ ही बच्चों एवं पशुओं को डिग्गी एवं फार्म पौण्ड के आसपास अकेले नहीं जाने दें।