नसीराबाद में कांटे की टक्कर: भाजपा-कांग्रेस 9-9 पर अटकी, 2 निर्दलीयों के हाथ में बोर्ड की चाबी
नसीराबाद। (अनिल लोहरे) नगरपालिका चुनाव 2026 में नसीराबाद के मतदाताओं ने किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं देते हुए भाजपा और कांग्रेस को बराबर 9-9 सीटों का जनादेश दिया है। वहीं दो निर्दलीय प्रत्याशियों की जीत ने नगर पालिका के आगामी बोर्ड गठन को लेकर सियासी तस्वीर बेहद रोचक बना दी है। 20 सदस्यीय नगर पालिका में अब दो निर्दलीय पार्षद सत्ता के समीकरण में निर्णायक भूमिका में नजर आ रहे हैं।
वार्डवार परिणाम में वार्ड 1 से सुमन साहू (भाजपा), वार्ड 2 से इस्माइल (कांग्रेस), वार्ड 3 से सुखदेव (भाजपा), वार्ड 4 से रमेश पुत्र हजारी (कांग्रेस), वार्ड 5 से लाल सिंह रावत (निर्दलीय), वार्ड 6 से महेंद्र देवासी (भाजपा), वार्ड 7 से विशाल कुमार (भाजपा), वार्ड 8 से सोनू कंवर (कांग्रेस), वार्ड 9 से धनराज मेहरा (कांग्रेस), वार्ड 10 से सत्यनारायण माली (भाजपा), वार्ड 11 से प्रियंका मेघवंशी (कांग्रेस), वार्ड 12 से मुकेश माली (भाजपा), वार्ड 13 से हंसराज (कांग्रेस), वार्ड 14 से भूपेंद्र प्रताप गौड़ (निर्दलीय), वार्ड 15 से नरेंद्र सिंह (भाजपा), वार्ड 16 से रितिका शेखावत (कांग्रेस), वार्ड 17 से राजेश कुमार शर्मा (कांग्रेस), वार्ड 18 से निर्मल यादव (भाजपा), वार्ड 19 से ऋतुका सोनी (कांग्रेस) और वार्ड 20 से मोनू चौधरी (भाजपा) विजयी रहे।
बराबरी के इस जनादेश ने दोनों प्रमुख दलों की चिंता बढ़ा दी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों बहुमत के आंकड़े से दूर हैं। ऐसे में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों का समर्थन महत्वपूर्ण हो सकता है। दोनों निर्दलीय विजेताओं के रुख पर अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ शहरवासियों की भी निगाहें टिक गई हैं।
चुनाव परिणाम ने यह भी संकेत दिया है कि नसीराबाद की जनता ने इस बार संतुलित राजनीतिक जनादेश दिया है। अब नगर पालिका में अध्यक्ष पद और बोर्ड गठन को लेकर जोड़-तोड़ तथा रणनीतिक बैठकों का दौर शुरू होने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि निर्दलीय किस खेमे के साथ जाते हैं और नसीराबाद नगर पालिका की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगती है।