अजमेर में भाजपा-कांग्रेस में मेयर उम्मीदवार पर नहीं बनी सहमति, आज रात तक होगा फैसला
दोनों दलों को निर्दलियों के समर्थन की जरूरत; कल नामांकन, पुष्कर के रिसॉर्ट में चल रही पार्षदों से रायशुमारी
अजमेर। अजमेर नगर निगम में मेयर पद को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों में अभी तक एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। 80 वार्डों के चुनाव परिणाम में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद अब मेयर और डिप्टी मेयर बनाने के लिए दोनों दलों को निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत है।
दोनों ही पार्टियां अपने-अपने मेयर बनाने का दावा कर रही हैं, लेकिन मेयर पद के प्रत्याशी के नाम पर पार्षदों में एक राय नहीं बन पाई है। ऐसे में दोनों दलों की ओर से आज रात तक प्रत्याशी का नाम तय किए जाने की संभावना है। मेयर पद के लिए नामांकन 16 सितंबर को दाखिल किए जाएंगे।
भाजपा में चार नामों पर चर्चा
भाजपा की ओर से मेयर पद के लिए फिलहाल चार महिला पार्षदों के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं—
- अनामिका शर्मा — वार्ड 3
- मोनिका जैन — वार्ड 4
- रंजना सोनी — वार्ड 12
- नलिनी शर्मा — वार्ड 67
कांग्रेस में भी चार नाम चर्चा में
कांग्रेस की ओर से मेयर पद के लिए इन नामों पर विचार किया जा रहा है—
- रश्मि शर्मा — वार्ड 69
- रश्मि हिंगरोनी — वार्ड 24
- किरण गढ़वाल — वार्ड 57
- बबीता सैन — वार्ड 59
मेयर पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित होने के कारण दोनों ही दल महिला पार्षदों में से अपना उम्मीदवार चुनेंगे।
कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी
अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों के परिणाम में कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है। भाजपा को 32 वार्डों में जीत मिली, जबकि 11 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं।
| पार्टी | सीटें |
|---|---|
| कांग्रेस | 37 |
| भाजपा | 32 |
| निर्दलीय | 11 |
| कुल | 80 |
मेयर चुनाव में बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में कांग्रेस को अपने 37 पार्षदों के साथ कम से कम 4 और भाजपा को अपने 32 पार्षदों के साथ 9 पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी।
38 महिलाओं ने जीता पार्षद का चुनाव
80 वार्डों में कुल 38 महिला पार्षद निर्वाचित हुई हैं। इनमें कांग्रेस की 18, भाजपा की 16 और 4 निर्दलीय महिला पार्षद शामिल हैं। मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होने से इन महिला पार्षदों में से ही दोनों दल अपना उम्मीदवार चुनेंगे।
पुष्कर के रिसॉर्ट में चल रही बाड़ेबंदी
मेयर चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है। दोनों दलों के पार्षद फिलहाल पुष्कर के रिसॉर्ट में बताए जा रहे हैं। यहां मेयर और डिप्टी मेयर के संभावित नामों को लेकर पार्षदों से रायशुमारी की जा रही है।
दोनों दलों के जिलाध्यक्ष निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के जरिए बहुमत हासिल करने का दावा कर रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला प्रदेश स्तर पर पार्षदों की राय के आधार पर किए जाने की बात कही जा रही है।
15 सितंबर को अधिसूचना, 16 को नामांकन
मेयर-निकाय अध्यक्षों के चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 15 सितंबर को अधिसूचना जारी हो चुकी है। 16 सितंबर नामांकन की आखिरी तारीख है। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 18 सितंबर को नामांकन वापसी और चुनाव चिह्नों का आवंटन होगा। 21 सितंबर को मतदान होगा और मतदान समाप्त होते ही मतगणना की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अजमेर का अगला मेयर कौन होगा और 11 निर्दलीय पार्षद किसके साथ जाएंगे? फैसला अगले कुछ घंटों में तस्वीर साफ होने के बाद सामने आएगा।