अजमेर में मेयर पद पर अनामिका-किरण में होगा मुकाबला: भाजपा-कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारे, नामांकन दाखिल

अजमेर में मेयर पद पर अनामिका-किरण में होगा मुकाबला: भाजपा-कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारे, नामांकन दाखिल
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80 वार्डों के नतीजों के बाद मेयर चुनाव की तस्वीर साफ; कांग्रेस 37, भाजपा 32 और 11 निर्दलीय पार्षद—बहुमत के लिए 41 का आंकड़ा

अजमेर। अजमेर नगर निगम में मेयर पद को लेकर चल रही सियासी कवायद अब सीधे मुकाबले में बदल गई है। भाजपा ने वार्ड 3 से निर्वाचित अनामिका शर्मा और कांग्रेस ने वार्ड 57 से निर्वाचित किरण गढ़वाल को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है। दोनों प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया है। अजमेर नगर निगम में मेयर का पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है।

नगर निगम के 80 वार्डों के परिणाम में कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल बनी है। भाजपा को 32 और निर्दलीयों को 11 सीटें मिली हैं। बहुमत का आंकड़ा 41 है। ऐसे में किसी भी दल के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।

अनामिका शर्मा पहली बार बनीं पार्षद

भाजपा की मेयर प्रत्याशी अनामिका शर्मा वार्ड 3 से चुनाव जीतकर पहली बार नगर निगम पहुंची हैं। उपलब्ध चुनावी विवरण के अनुसार उन्होंने वार्ड 3 में 3,687 वोट हासिल किए और निर्दलीय प्रत्याशी संध्या काबरा को 954 मतों से हराया। वार्ड 3 अनारक्षित महिला श्रेणी में था।

अनामिका शर्मा के बारे में उपलब्ध नामांकन विवरण के अनुसार वे 10वीं पास हैं और उनकी घोषित कुल संपत्ति करीब 37.61 लाख रुपए है। स्थानीय रिपोर्टों में उन्हें भाजपा नेता सीताराम शर्मा की पुत्रवधू तथा विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के करीबी परिवार से जुड़ा बताया गया है।

किरण गढ़वाल ने 284 वोट से जीता था वार्ड 57

कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी किरण गढ़वाल वार्ड 57 से निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने भाजपा की नीतू सिंह को 284 मतों से हराया। किरण गढ़वाल को 1,852 वोट मिले, जबकि नीतू सिंह को 1,568 वोट मिले।

नामांकन से जुड़े उपलब्ध विवरण के अनुसार किरण गढ़वाल स्नातक हैं और उन्होंने करीब 11.59 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति घोषित की थी। वे गृहिणी हैं, जबकि उनके पति दिलीप गढ़वाल कांग्रेस में सक्रिय रहे हैं।

कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 पार्षद

अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस ने 37, भाजपा ने 32 और निर्दलीयों ने 11 सीटों पर जीत दर्ज की। बहुमत के लिए 41 पार्षदों की जरूरत है। यानी कांग्रेस बहुमत से चार और भाजपा नौ सीट दूर है।

मेयर चुनाव को देखते हुए दोनों प्रमुख दल अपने पार्षदों के साथ संपर्क और समर्थन जुटाने में लगे हैं। कांग्रेस की ओर से कुछ निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा भी किया गया है, हालांकि अंतिम स्थिति मतदान के समय ही स्पष्ट होगी।

17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच

मेयर पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया 16 सितंबर को पूरी हो रही है। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।

21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मेयर पद के लिए मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। इसके अगले दिन 22 सितंबर को उपाध्यक्ष का चुनाव होगा।

निर्दलीयों पर टिकी निगाहें

अजमेर में मेयर चुनाव का सबसे अहम पहलू 11 निर्दलीय पार्षद हैं। कांग्रेस के पास 37 और भाजपा के पास 32 पार्षद हैं, इसलिए दोनों दलों को बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी।

अब अनामिका शर्मा और किरण गढ़वाल के बीच मुकाबले के साथ 11 निर्दलीय पार्षदों का रुख मेयर चुनाव की तस्वीर तय करने वाला प्रमुख राजनीतिक समीकरण होगा। 21 सितंबर को मतदान के बाद ही अजमेर नगर निगम की नई मेयर का फैसला होगा।

admin - awaz rajasthan ki

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