अजमेर में पिछले चुनाव के मुकाबले बढ़ा मतदान प्रतिशत, सावर में सबसे ज्यादा 8.50% की वृद्धि
अजमेर। पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण में अजमेर जिले के छह पंचायत समिति क्षेत्रों में मतदान को लेकर मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस बार सभी छह पंचायत समिति क्षेत्रों में पिछले चुनाव की तुलना में मतदान प्रतिशत बढ़ा है। सावर पंचायत समिति में सबसे अधिक 8.50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पीसांगन में सबसे कम 1.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
पहले चरण में जिला परिषद के 33 वार्डों में से 15 वार्डों तथा छह पंचायत समिति क्षेत्रों के 81 वार्डों में मतदान हुआ। अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति क्षेत्र में केवल एक ग्राम पंचायत नांद में मतदान कराया गया। इसके अलावा सावर, पीसांगन, श्रीनगर, सरवाड़ और केकड़ी क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ।
सावर में 65.82 प्रतिशत मतदान
मतदान प्रतिशत के आंकड़ों पर नजर डालें तो सावर पंचायत समिति क्षेत्र में इस बार 65.82 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनाव के 57.32 प्रतिशत के मुकाबले 8.50 प्रतिशत अधिक है। सरवाड़ में मतदान प्रतिशत 61.41 से बढ़कर 64.71 प्रतिशत पहुंच गया। वहीं श्रीनगर में 58.36 प्रतिशत के मुकाबले 62.76 प्रतिशत मतदान हुआ।
केकड़ी में मतदान प्रतिशत 56.48 से बढ़कर 60.64 प्रतिशत और अजमेर ग्रामीण में 58.59 से बढ़कर 60.25 प्रतिशत दर्ज किया गया। पीसांगन में पिछले चुनाव के 58.95 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 60.06 प्रतिशत मतदान हुआ।
पंचायत समिति क्षेत्रवार मतदान की स्थिति
| पंचायत समिति | पिछले चुनाव में मतदान | इस बार मतदान | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| अजमेर ग्रामीण | 58.59% | 60.25% | 1.66 प्रतिशत अंक |
| पीसांगन | 58.95% | 60.06% | 1.11 प्रतिशत अंक |
| सरवाड़ | 61.41% | 64.71% | 3.30 प्रतिशत अंक |
| केकड़ी | 56.48% | 60.64% | 4.16 प्रतिशत अंक |
| सावर | 57.32% | 65.82% | 8.50 प्रतिशत अंक |
| श्रीनगर | 58.36% | 62.76% | 4.40 प्रतिशत अंक |
सुबह से मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे मतदाता
मतदान के दौरान सुबह से ही केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बनी रही। दिन बढ़ने के साथ मतदान में तेजी आई। ग्रामीण क्षेत्रों में युवा और बुजुर्ग मतदाता भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने पहुंचे। दिव्यांग और अधिक उम्र के मतदाताओं ने भी मतदान में भाग लिया।
जिला परिषद के 15 वार्डों में कुल 4,08,288 मतदाता पंजीकृत बताए गए, जिनमें से शाम 6 बजे तक 2,51,502 मतदाताओं ने मतदान किया। इन वार्डों में मतदान प्रतिशत 62.49 रहा।

मतदान प्रतिशत बढ़ने के बाद राजनीतिक दलों की नजर नतीजों पर
मतदान प्रतिशत में वृद्धि के बाद अब राजनीतिक दल और प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान के आंकड़ों का आकलन करेंगे। हालांकि, केवल मतदान प्रतिशत बढ़ने के आधार पर किसी एक राजनीतिक दल को लाभ मिलने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए वार्डवार मतदान, प्रत्याशियों के प्रदर्शन और चुनाव परिणामों का इंतजार करना होगा।
जिला परिषद के कुल 33 वार्डों में बहुमत के लिए कम से कम 17 सदस्यों का समर्थन आवश्यक होगा। जिला प्रमुख का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होने के कारण चुनाव परिणामों के साथ पात्रता और सदस्यों के समर्थन का समीकरण भी महत्वपूर्ण रहेगा।
मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर आई तकनीकी बाधा
मतदान के दौरान सावर पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत पटियाली के जसवंतपुरा स्थित मतदान केंद्र पर ईवीएम में खराबी के कारण करीब 10 मिनट तक मतदान प्रभावित रहा। मशीन दोबारा चालू होने के बाद मतदान शुरू कराया गया। मॉक पोल के दौरान केकड़ी, सरवाड़ और श्रीनगर के कुछ केंद्रों पर भी मशीनों की यूनिट बदलनी पड़ी।
पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण में मतदान के बाद अब सभी की नजर चुनाव परिणामों और जिला परिषद में बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर रहेगी। वहीं सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान 24 अक्टूबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होना है।