ग्राम पंचायत स्तर पर महात्मा गाँधी नरेगा योजना अन्तर्गत प्रत्येक पंचायत में पंचायत खेल संकुल विकसित किये जायेंगे विभिन्न योजनाओं से कन्र्वेजेंस अन्तर्गत कार्य करवाये जा सकेंगे
ग्राम पंचायत स्तर पर महात्मा गाँधी नरेगा योजना अन्तर्गत प्रत्येक पंचायत में पंचायतं खेल संकुल विकसित किये जायेंगे
विभिन्न योजनाओं से कन्र्वेजेंस अन्तर्गत कार्य करवाये जा सकेंगे
अजमेर (ARK News) प्रदेश की ग्राम पंचायतों में महात्मा गाँधी नरेगा योजना अन्तर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत खेल संकुल विकसित किया जायेगा। महात्मा गाँधी नरेगा आयुक्त ईजीएस पुष्पा सत्यानी ने एक आदेश जारी करते हुए कहा कि राज्य में महात्मा गाँधी नरेगा योजना अन्तर्गत खेल मैदान विकसित करने की निर्देश जारी किए गए थे। इसी कड़ी में राजस्थान में ग्राम पंचायतों में ‘‘पंचायत खेल संकुल’’ विकसित किये जायेंगे, अब तक कराये गये खेल मैदान विकास कार्यों में शेष रही गतिविधियों एवं नये खेल मैदानों को विकसित करने हेतु उपलब्ध राजकीय भूमि के क्षेत्रफल के अनुसार खेलों का चयन करने के लिये हेतु दिशा-निर्देशों जारी किये गये हंै, निर्देशों के अनुसार-महात्मा गाँधी नरेगा योजना के मास्टर सर्कुलर वर्ष 2024-25 के बिन्दु संख्या 7.7.ई में एक ग्राम पंचायत में एक खेल मैदान विकास कार्य को अनुमत श्रेणी में रखा गया है। व प्रत्येक ग्राम पंचायत में उपलब्ध सबसे बड़े खेल मैदान के लिए स्कूल अथवा ग्राम पंचायत की स्वामित्व की आरक्षित, आवंटित राजकीय भूमि पर ही खेल मैदान विकास कार्य स्वीकृत होंगे, ग्राम पंचायतों में पूर्व में महात्मा गाँधी नरेगा योजना से विकासित किये गये खेल मैदानों में नरेगा योजना से पुन: व्यय नहीं किया जायेगा व अन्य आवश्यक गतिविधियों पर विभिन्न योजनाओं से कन्र्वेजेन्स अन्तर्गत कार्य करवाये जायेंगे, खेल मैदानों की उपलब्ध राजकीय भूमि के क्षेत्रफल के अनुसार खेलों का चयन करने के लिए विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है। जिनमें एक एकड़ से कम भूमि में ओपन जिम, रेसिंग ट्रेक, बेटमिटंन, बॉलवॉल, कबड्डी, खो-खो, हाईजम्प, लोंगजम्प आदि खेलों एवं योग केन्द्र का समावशे किया गया है, एक एकड़ से 1.5 एकड़ भूमि पर टैनिस एवं बॉसकेट बॉल खेलों का समावेश किया जायेगा। इस हेतु स्थानीय आवश्यकतानुसार न्यूनतम लागत के तकमीने तैयार किये जाये साथ ही 1.5 एकड़ से 3 एकड़ भूमि पर फूटबॉल, हॉकी, सेना भर्ती हेतु आवश्यक शारीरिक दक्षता परीक्षाओं यथा, पुलअप, चिनअप, लोंगजम्प, जिगजैग, बेलेन्स, बाधा दौड़ एवं दौड़ के लिए समावेश करते हुए स्थानीय आवश्यकतानुसार तकमीने तैयार होंगे।
3 एकड़ से अधिक भूमि पर क्रिकेट मैदान के तकमीने तैयार होंगे। इस हेतु जिला ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। जिला स्तर पर जिला कलक्टर, ब्लॉक स्तर पर एसडीएम व पंचायत स्तर पर पीईईओ को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं जिला परिषद् सीईओ, विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। इसी प्रकार तीन अन्य सदस्य भी कमेटी के बनाये गये हैं।
खेल संकुलों में नरेगा से निम्न कार्य कराये जा सकेंगे:-
- मैदान का समतलीकरण कार्य।
- मैदान के चारों ओर सुरक्षा हेतु डिच-कम-बण्ड फेन्सिंग/ड्राई स्टोन वॉल (पहाड़ी क्षेत्र जहां पत्थर आसानी से उलपब्ध हों।)
- डिच-कम-बण्ड फैसिंग/ड़ाई स्टोन वॉल के किनारे वृक्षारोपण एवं पाँच वर्षों तक रख-रखाव का कार्य (वृक्षों की प्रजातियां इस प्रकार की हो कि मैदान में खेली जाने वाली गतिविधियों में व्यवधान ना हो)।
- बॉलीवॉल, बास्केटबाल, क्रिकेट, कबड्डी, रेसिंग ट्रेक, खो-खोल इत्यादि हेतु आधारभू कार्य।
- वर्षा जल संग्रहण ढांचा।
- परिधि एवं बाहरी क्षेत्र पर स्थानीय फलदार एवं छायादार पौधों का सघन वृक्षारोपण किया जाना आवश्यक होगा।
- जिन ग्राम पंचायतों में खेल मैदान विकसित होना शेष है उन ग्राम पंचायतों में 30.06.2025 तक आवश्यक रूप से नियमानुसार स्वीकृति जारी की जावें।
- खेल मैदानों में अतिरिक्त सुविधायें/संसाधन अन्य विभागों/योजनाओं तथा वित्त आयोग (राज्य/केन्द्रीय) एम.एल.ए.लेड, एम.पी.लेड, गाड़ा, टाडा, डांग, मगरा, गेवात थार, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना, शिक्षा विभाग, खेल विभाग, सी.एस.आर., भामाशाह आदि से कन्वजेंस के माध्यम से की जायेगी।
कुल मिलाकर महात्मा गाँधी नरेगा योजना के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पंचायत स्तर पर पंचायत खेल संकुल विकसित होने से खेलों के प्रति रूचि बढ़ेगी।