पुष्कर विधानसभा के छात्रों के लिए ₹100.17 लाख की मरम्मत राशि स्वीकृत, शिक्षा सुरक्षा को लेकर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत का बड़ा कदम
कक्षा-कक्षों, शौचालयों, चारदीवारी व अन्य संरचनाओं की मरम्मत से शिक्षा का माहौल होगा सुरक्षित और स्वच्छ
पुष्कर | पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को सशक्त एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जल संसाधन मंत्री एवं पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत ने क्षेत्र के विद्यालयों में मरम्मत कार्य हेतु राशि रू 100.17 लाख स्वीकृत करवाई है। यह निर्णय न केवल छात्रों की शैक्षणिक सुविधा के लिए अहम है, बल्कि विद्यालय परिसरों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक संवेदनशील प्रयास भी है।
इन विद्यालयों को मिली स्वीकृति
| विद्यालय का नाम | स्वीकृत राशि (₹ लाख में) |
|---|---|
| राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दांता | ₹10.40 लाख |
| राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, घूघरा | ₹13.05 लाख |
| राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गगवाना | ₹13.00 लाख |
| राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कायमपुरा | ₹18.00 लाख |
| राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भिलावट | ₹12.44 लाख |
| महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, रूपनगढ़ | ₹14.53 लाख |
| राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, जाखोलाई | ₹9.18 लाख |
| राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, भदूण | ₹9.57 लाख |
रावत ने बताया कि इन विद्यालयों में कक्षा-कक्षों की छतों, शौचालयों, चारदीवारी, फर्श, दरवाजों एवं खिड़कियों सहित अन्य आवश्यक संरचनात्मक मरम्मत कार्य करवाए जाएंगे ताकि छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हो सके।
जल्द और भी विद्यालयों को मिलेगी राहत
रावत ने यह भी जानकारी दी कि उपरोक्त विद्यालयों के अतिरिक्त संपूर्ण पुष्कर विधानसभा क्षेत्र के मरम्मत योग्य विद्यालयों की सूची तैयार कर ली गई है, और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यकतानुसार प्रस्ताव भिजवाएं ताकि शेष विद्यालयों में भी शीघ्र मरम्मत कार्य प्रारंभ हो सके।
नेता नहीं, जनप्रतिनिधि की भावना से करते हैं कार्य
रावत की कार्यशैली का मूल मंत्र “सबसे पहले क्षेत्र, सबसे पहले जनता” है। वे न केवल विकास कार्यों में अग्रणी रहते हैं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और ज़मीनी हकीकत को समझते हुए हर छोटे-बड़े विद्यालय, गाँव और नागरिक की जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं। विद्यालयों के लिए यह प्रयास उनकी उसी संवेदनशील नेतृत्व क्षमता और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
यह कदम यह भी दर्शाता है कि रावत की दृष्टि केवल भव्य विकास की ओर नहीं, बल्कि भविष्य गढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा की ओर भी समान रूप से केंद्रित है।