प्रशासन की मनमानी और व्यापारियों के उत्पीड़न के खिलाफ ढाल बनकर खड़े रहेंगे: विधायक विकास चौधरी
किशनगढ़। किशनगढ़ के मुख्य बाजार में कल पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर की गई कार्रवाई, व्यापारियों के साथ अभद्र व्यवहार और बिना किसी पूर्व सूचना के की गई तोड़फोड़ को लेकर क्षेत्र के व्यापारियों और आमजन में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस घटनाक्रम के बाद आज शाम किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी ने मुख्य बाजार में पैदल मार्च कर पीड़ित व्यापारियों, ठेले वालों और आमजन से मुलाकात की और उन्हें संबल प्रदान किया।
व्यापारियों के सम्मान से समझौता नहीं होगा-
पैदल मार्च के दौरान व्यापारियों को संबोधित करते हुए विधायक विकास चौधरी ने कहा कि कल जिस तरह से प्रशासन ने बिना किसी नोटिस या सूचना के व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बाहर तोड़फोड़ की और व्यापारियों के सामान को जप्त किया, वह पूरी तरह से अनुचित और तानाशाही पूर्ण रवैया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा आमजन और खरीदारी के लिए आए लोगों से किया गया अभद्र व्यवहार व उनके वाहनों की जब्ती किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भ्रष्ट अधिकारियों को चेतावनी-
विधायक चौधरी ने कुछ तथाकथित पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अतिक्रमण की आड़ में कुछ लोग व्यापारियों को डरा-धमकाकर वसूली का खेल खेलना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “प्रशासन यह कान खोलकर सुन ले कि यदि भविष्य में व्यापारियों और आमजन के साथ इस तरह का व्यवहार दोबारा हुआ या बिना नियम किसी का उत्पीड़न किया गया, तो मैं खुद व्यापारियों की ढाल बनकर प्रशासन के सामने खड़ा रहूँगा।”
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठाए सवाल-
विधायक ने कहा कि कानून व्यवस्था और नियम का पालन होना चाहिए, लेकिन इसकी आड़ में व्यापारियों के धैर्य की परीक्षा लेना और उन्हें असुरक्षित महसूस कराना गलत है। पैदल मार्च के दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने विधायक के समक्ष अपनी पीड़ा रखी और प्रशासन के इस “उत्पात” जैसी कार्रवाई के प्रति रोष प्रकट किया।
विधायक चौधरी ने अंत में प्रशासन को सचेत किया कि वे व्यापारियों को अपना दुश्मन न समझें और शहर की व्यवस्था बनाने के नाम पर आम नागरिक का उत्पीड़न बंद करें।