मसूदा में रेबारियों का 66 बीघा भूमि विवाद सुलझा, ग्राम उत्थान शिविर में 50 खातेदारों को मिला अधिकार
ब्यावर।
ब्यावर जिले के मसूदा क्षेत्र में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर में प्रशासनिक संवेदनशीलता और आपसी संवाद का प्रभावी उदाहरण देखने को मिला। वर्षों से लंबित एवं जटिल 66 बीघा भूमि विवाद का समाधान करते हुए मसूदा द्वितीय के रेबारियों की ढाणी स्थित भूमि का बंटवारा 50 खातेदारों के बीच शांतिपूर्ण एवं आपसी सहमति से संपन्न कराया गया।
यह महत्वपूर्ण प्रकरण विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत, जिला प्रभारी सचिव हिमांशु गुप्ता, जिला कलेक्टर मान कमल राम मीना, अपर जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, एसडीएम दीपशिखा कालवी तथा तहसीलदार रामकिशोर जांगिड़ एवं दुष्यंत सिंह की उपस्थिति में निस्तारित किया गया।
प्रकरण में कुछ खातेदारों के निधन के चलते विरासत नामांतरण से जुड़ी जटिलताएं उत्पन्न हो गई थीं। इस संबंध में मसूदा द्वितीय के गिरदावर घनश्याम सेन एवं पटवारी अभिषेक चौधरी द्वारा विरासत नामांतरण खोलने के लिए आवेदन प्राप्त किए गए, जिसके बाद सभी खातेदारों को समझाइश दी गई।
प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी पक्षों को आपसी सहमति से बंटवारे के लिए प्रेरित किया। बड़ी संख्या में खातेदारों के बीच सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण था, जिसे प्रशासनिक टीम ने संवाद, समन्वय और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक पूरा किया।
शिविर में मौजूद खातेदारों ने समाधान पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रशासन की पहल की सराहना की। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने आमजन से अपील की कि ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से बड़े और जटिल विवादों का भी प्रभावी समाधान किया जा रहा है, इसलिए अधिक से अधिक लोग इन शिविरों का लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन आमजन की समस्याओं के त्वरित, न्यायसंगत और पारदर्शी समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। यह प्रकरण ग्राम उत्थान शिविरों की सार्थकता और जनकल्याणकारी प्रशासनिक सोच का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है।