देवलिया कला ग्राम पंचायत के अवैध पट्टों की जांच जिला स्तर से शूरू,राज्य स्तर से मिले आदेशो के बाद जिला स्तरीय कमेटी कर रही है गहन जांच
देवलिया कला ग्राम पंचायत के अवैध पट्टों की जांच जिला स्तर से शूरू
*राज्य स्तर से मिले आदेशो के बाद जिला स्तरीय कमेटी कर रही है गहन जांच
अजमेर. अवैध पट्टो के माध्यम से सरकार को पलिता लगाने के साथ साथ आम ग्रामीणों के साथ ठगी को अंजाम तो दे दिया गया परन्तु झुठ कभी छिप नही सकता ओर जब सच्चाई सब के सामने आती है तो ठगी करने वालो से सुत सहित वसूली होने के साथ साथ कानूनी कार्यवाही भी होती है ऐसा ही एक मामला भिनाय पंचायत समिति ग्राम पंचायत देवलिया कलां मे सामने आया जहा अवैध पट्टो की शिकायत सामने आई है!
‘गांव की सरकार’ के माध्यम से नियमों को दरकिनार कर पट्टे जारी करने का मामला सामने आने पर जारी पट्टों की जांच को लेकर अब सरकार ने संज्ञान लिया है। पंचायत राज विभाग ने पट्टों की जांच को लेकर जिला परिषद अजमेर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देश जारी किए है।
पंचायत की ओर से पिछले पांच सालों में जारी किए गए पट्टों को अवैध रूप से जारी करने एवं नियमों को नजरअंदाज कर मनमर्जी से पट्टे जारी करने की पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर को शिकायत की गई। वार्ड पंच शिवराज सिंह ने पंचायत की ओर से जारी पट्टों की जांच करवाने एवं रिकॉर्ड सीज करवाकर निष्पक्ष जांच का आग्रह किया है!
यह भी आरोपः
पिछले कुछ सालों में करीब 150 से 200 भूखण्ड मुंह मांगी दर पर बेचे गए। इसमें सिवायचक सार्वजनिक उपयोग की भूमि, तालाब पेटे व भराव की भूमि पर अतिक्रमण करवा कर भूखण्ड का बेचान कर पट्टे जारी किए गए। पट्टा प्रकरण की पत्रावलियां, पट्टन बुक, विक्रय की रसीद बुक, कार्यवाही रजिस्टर आदि सील करवाकर उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की है। यह भी आरोप है कि पंचायत तालाब, गुच्छी नाही को समतल बनाकार पेटा पराव पाल, कैचमेंट एरिया में भुखण्ड काटकर बेचान कर दिया गया।
यह दिए जांच के निर्देशः
पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त आयुक्त एवं शासन ग्रुप मचित्र द्वितीय त्रिलोक चंद मीना ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद को देवलिया पंचायत द्वारा जारी किये गये पट्टो की जांच करने के निर्देश दिये सीईओ ने भी जिला स्तर से कमेटी बना कर मामले की जाच शूरू कर दी है
तत्कालीन सरपंच व वर्तमान प्रशासक व ग्राम विकास अधिकारी की बढ सकती है मुश्किले
ग्राम पंचायत द्वारा जारी पट्टो मे अगर अनिमित्तया पाई जाती है तो सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी पर कार्यवाही होना तय मानी जा रही है प्राम्भिक जांच मे जो तथ्य सामने आये है उस मे पट्टा जारी करने मे नियमो मे अनदेखी करना सामने आया है