शाहपुरा अस्पताल में चार साल से एक भी फिजिशियन नहीं।


शाहपुरा चिकित्सालय में 4 वर्षों से एक भी फिजिशियन नहीं।
आरजीएचएस कार्ड कार्ड धारकों को नहीं मिल पा रही जीवन रक्षक दवाइयां।
विशेष विशेषज्ञ की कमी से भी जूझ रहे बुजुर्ग।
जीवन रक्षक दवा लिखने में अन्य चिकित्सक करते टालमटोल।
शाहपुरा 23 फरवरी, 2026। वरिष्ठ नागरिक संस्थान मंच, शाहपुरा ने सोमवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रकाश चंद्र रैगर को एक शिकायत पत्र सौंपते हुए शाहपुरा के जिला चिकित्सालय में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आर जी एच एस) के तहत वरिष्ठ नागरिकों को दवाइयां लिखने में आ रही गंभीर समस्याओं तथा फिजिशियन के साथविशेष विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से अवगत कराया।
संस्थान सचिव कैलाश चंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी और टालमटोल के रवैये के कारण बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत पत्र में बताया गया कि जब पेंशनर और कर्मचारी आरजीएचएस कार्ड के माध्यम से इलाज के लिए चिकित्सालय में जाते हैं, तो चिकित्सक दवाइयां लिखने से मना कर देते हैं और मरीजों को इधर उधर भटकाते हुए टालमटोल करते है।
गम्भीर मामला यह है कि शाहपुरा हॉस्पिटल जिले का दूसरा सबसे बड़ा हॉस्पिटल है। वर्तमान में एक भी फिजिशियन नहीं होने से ही अन्य चिकित्सक आर जी एच एस की दवाइयां नहीं लिख रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ के कारण बुजुर्गों को अपनी बारी के लिए घंटों खड़े रहना पड़ता।
आर्थिक ओर स्वास्थ्य पर दोहरी मार: आरजीएचएस की दवा नहीं लिखने के कारण बीपी, शुगर और हृदय रोग जैसी बीमारियों से जूझ रहे पेंशनरों को जब अस्पताल से राहत नहीं मिलती, तो उन्हें मजबूरी में खुले बाजार से महंगे दामों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। वरिष्ठ नागरिक होने के नाते बार-बार अस्पताल आना उनके स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम भरा साबित हो रहा है। हड्डी रोग, हृदय रोग, आंख, कान, गले आदि गंभीर रोग के विशेषज्ञ नहीं होने से बुजुर्गों को भीलवाड़ा, अजमेर, जयपुर के बड़े अस्पतालों में जाकर उपचार करवाना उनकी मजबूरी बनी हुई है।
इस दौरान वरिष्ठ नागरिक मंच के दिनेश तोलंबिया, बलराम, गोपाल बोहरा, ओमप्रकाश ओझा रि. तहसीलदार, जगदीश जोशी, राधेश्याम जोशी, ललित चौहान, लादुलाल माली, शिवशंकर शर्मा आदि पेंशनर्स ने सभी बुजुर्गों के लिए आवाज उठाते हुए जिला चिकित्सालय, शाहपुरा के प्रभारी डॉ अशोक जैन को भी ज्ञापन सौंपा।
चार साल से फिजिशियन नहीं: चिकित्सकों को मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा केंद्र में उपलब्ध ही दवा लिखने के निर्देश है। फिजिशियन या विशेष विशेषज्ञ ही आरजीएचएस दवा लिख सकता है। विगत चार वर्षों से फिजिशियन नहीं होने से यह दिक्कत आ रही है। डॉ अशोक जैन, मेडिकल ऑफिसर जिला चिकित्सालय, शाहपुरा