मॉनसून से पहले नालों की सफाई का लक्ष्य, सभी विभाग समन्वय से कार्य करें सीईओ मोहम्मद शाकिब आलम
बारिश में छावनी को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए छावनी परिषद नसीराबाद ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य अधिशासी अधिकारी मोहम्मद साकिब आलम के निर्देशों पर बुधवार को परिषद के सफाई निरीक्षक रवि प्रकाश और सफाई निरिक्षक आशीष शर्मा वे एल डी सी छोटेलाल की देखरेख में 8वार्डों में छोटे-बड़े नालों की सफाई का विशेष अभियान चलाया गया।
हर साल मानसून के दौरान कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या सामने आती है। इस बार प्रशासन ने बारिश का इंतजार करने के बजाय पहले ही मोर्चा संभाल लिया है। सफाई प्रभारी विश्वेंद्र सिंह ने विभिन्न टीमों का गठन किया है, जो युद्ध स्तर पर नालों से गाद और कचरा निकालने का काम कर रही हैं।
सड़क किनारे नहीं छोड़ना होगा कचरा
अभियान के तहत मुख्य ध्यान उन बड़े नालों पर है जो शहर के गंदे पानी की निकासी का मुख्य जरिया हैं। अधिकारियों का कहना है कि नालों के अंदर जमा प्लास्टिक और मलबे को मैनुअल तरीके से निकाला जा रहा है। इसके अलावा आदेश दिए गए हैं कि किसी भी वार्ड में सफाई के बाद मलबा सड़क किनारे न छोड़ा जाए, ताकि वह दोबारा बारिश में बहकर नालों में न गिरे। छावनी परिषद के अधिकारियों ने जनता से भी अपील की है कि वे नालों में प्लास्टिक कचरा और पॉलीथिन न फेंकें। यदि नालों का बहाव सुचारू रहेगा तो भारी बारिश के दौरान भी रिहायशी इलाकों में पानी घुसने का खतरा कम रहेगा। कार्यकारी अधिकारी छावनीपरिषद ने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी 8 वार्डों में नालों की सफाई के आदेश दिए गए हैं। हमारा लक्ष्य है कि मानसून से पहले शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाए।