मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की समीक्षा, क्यूआर फीडबैक और जीआईएस मैपिंग से आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करें,15 मई तक मास्टर प्लान तैयार करें- मुख्य सचिव

मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की समीक्षा, क्यूआर फीडबैक और जीआईएस मैपिंग से आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करें,15 मई तक मास्टर प्लान तैयार करें- मुख्य सचिव
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मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की समीक्षा, क्यूआर फीडबैक और जीआईएस मैपिंग से आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करें,15 मई तक मास्टर प्लान तैयार करें- मुख्य सचिव

जयपुर, 15 अप्रैल। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल पर संचालित मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने विभागों एवं जिला कलेक्टर्स को सभी गतिविधियों को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों एवं शहरी वार्डों के लिए डायनामिक मास्टर प्लान तैयार कर 15 मई तक पोर्टल पर अपलोड किए जाएं तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से हर स्तर पर जवाबदेही और आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव बुधवार को सचिवालय में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिला कलेक्टर्स से संवाद कर उनके सुझाव, समस्याओं एवं अनुभवों की जानकारी ली और संबंधित विभागों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिला कलेक्टर्स को ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से भाग लेने तथा जमीनी स्तर पर गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्राम सभा एवं वार्ड सभा के माध्यम से सुझाव संकलन, डेटा एंट्री, GIS मैपिंग और मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही, 20 अप्रैल तक फोकस ग्रुप डिस्कशन, 25 अप्रैल तक ड्राफ्ट मास्टर प्लान तथा 15 मई तक अंतिम मास्टर प्लान तैयार कर पोर्टल पर अपलोड सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए QR कोड आधारित फीडबैक प्रणाली विकसित करने तथा नवगठित ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवकों की आईडी मैपिंग शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सके।

बैठक में प्रमुख शासन सचिव आयोजना श्री भवानी सिंह देथा ने बताया कि अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक जिले में पंचायती राज एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं तथा जिला एवं ब्लॉक स्तर पर हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियमित प्रशिक्षण एवं डाउट क्लियरिंग सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के लिए विकसित वेब पोर्टल के माध्यम से डेटा एंट्री, मॉनिटरिंग, GIS आधारित मैपिंग तथा मास्टर प्लान अपलोड की सुविधा उपलब्ध है, जबकि मोबाइल एप से जियो-टैग्ड फोटो अपलोड की व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत ग्राम पंचायत एवं शहरी वार्ड टूलकिट को 11 प्रमुख सेक्शनों- प्रशासनिक, कृषि एवं आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना, जल प्रबंधन, पर्यावरण, पर्यटन एवं सुशासन में विभाजित किया गया है, जिससे डिजिटल बेसलाइन तैयार की जा रही है। इसके आधार पर वर्ष 2030, 2035 एवं 2047 तक की आवश्यकताओं का आकलन कर योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान 19 मार्च से प्रारंभ होकर 15 मई तक संचालित रहेगा। इसके अंतर्गत राज्य के 766 स्थानीय निकायों के 24,648 ग्राम पंचायतों एवं शहरी वार्डों को शामिल किया गया है, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत इकाइयों की SSO आईडी मैपिंग पूर्ण हो चुकी है तथा पोर्टल पर डेटा एंट्री की प्रक्रिया निरंतर प्रगति पर है।

बैठक में शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग श्री रवि जैन, शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायतीराज डॉ. जोगा राम सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी जिला कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

admin - awaz rajasthan ki

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