अजमेर डेयरी की ऐतिहासिक पहलः श्वेत क्रांति को नई उड़ान, 50 दुग्ध समितियां होंगी हाईटेक*अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीण सहकारिता को लगे पंख, दुग्ध समितियों के सचिवों को किया संबोधित

अजमेर डेयरी की ऐतिहासिक पहलः श्वेत क्रांति को नई उड़ान, 50 दुग्ध समितियां होंगी हाईटेक*अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीण सहकारिता को लगे पंख, दुग्ध समितियों के सचिवों को किया संबोधित
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* अजमेर डेयरी की ऐतिहासिक पहलः श्वेत क्रांति को नई उड़ान, 50 दुग्ध समितियां होंगी हाईटेक*
अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीण सहकारिता को लगे पंख, दुग्ध समितियों के सचिवों को किया संबोधित
अजमेर। 05-06-2026
ग्रामीण आंचल में श्वेत क्रांति को नई ऊर्जा देने और दुग्ध उत्पादकों को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. (अजमेर डेयरी) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अजमेर डेयरी के अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी के सशक्त एवं दूरदर्शी नेतृत्व में जिले की 50 नई पंजीकृत प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण और उनके कार्यालयों को पूरी तरह आधुनिक (हाईटेक) बनाने के लिए बड़ी वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।
सचिवों में भरा जोश, दिया पारदर्शिता का मंत्र :-
इस सौगात की घोषणा करते हुए अजमेर डेयरी अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी ने सभी 50 लाभान्वित समितियों के सचिवों को विस्तार से संबोधित किया। उन्होंने सचिवों में नई ऊर्जा का संचार करते हुए कहा कि, “दुग्ध उत्पादक किसान हमारी अर्थव्यवस्था और सहकारिता की असली रीढ़ हैं। इन समितियों के हाईटेक होने से न केवल दूध के संकलन और रिकॉर्ड संधारण में अभूतपूर्व पारदर्शिता आएगी, बल्कि हमारे किसानों के साथ दैनिक लेनदेन भी अधिक सटीक और त्वरित होगा।” उन्होंने सभी सचिवों का आह्वान किया कि वे इस आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग ग्रामीण किसानों के उत्थान और दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए करें।
राष्ट्रीय डेयरी विकास योजना (NPDD) से कायाकल्प :-
इस महत्वाकांक्षी पहल को और अधिक प्रभावी रूप देने के लिए इसे भारत सरकार के ‘राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम’ (NPDD) कॉम्पोनेंट-ए के अंतर्गत शामिल किया गया है। योजना के तहत प्रत्येक चयनित दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति को 88,000 रुपये की लागत वाली दुग्ध संकलन सामग्री और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस पूरी लागत में सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से 50 प्रतिशत का महत्वपूर्ण अनुदान दिया गया है तथा शेष 50 प्रतिशत राशि सम्बन्धित समितियों द्वारा वहन की जायेगी। दूध की गुणवत्ता की सटीक जाँच एवं तोल सुनिश्चित करने के लिए समितियों को ‘मिल्क एनालाईजर’ प्रदान किए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक समिति को सुचारू कार्यालय संचालन के लिए निम्नलिखित उच्च गुणवत्ता वाले 22 प्रकार के संसाधन भी दिए गए हैं:-

  1. Graduated pipettes 10 ML
  2. Glass Beakers, 100 ml
  3. Tray for reagents, size 16×12 inches, made from food grade plastic
  4. Plastic tilt measure 1 ml for alcohol with rubber work & with plastic bottle of 250 ml
  5. Plastic tilt measure 10 ml for acid with rubber cork & with
    plastic bottle of 500 ml
  6. Milk Analyser with EWS
  7. Electric Gerber Centrifuge
  8. Adulteration Test Kit
  9. Milk Purchase Register
  10. Milk Payment Register
  11. Anudan Register
  12. Proposal Register
  13. DCS Pass Book for members (@14 per)14. Demand Book
  14. Receipt book (DCS)
  15. Can Office Chair
  16. Office Table
  17. Almirah
  18. Calculator MJ 120D
  19. Pin Notice Board 2×3 (Heavy)
  20. Heater
  21. Hamer
    इन 50 ग्रामीण दुग्ध समितियों को मिली यह बड़ी सौगातः
    आज इस योजना से लाभान्वित होने वाली जिले की 50 दुग्ध समितियों में लीडीगांव (रूपपुरा), देवपुरा, मोतीसर, दिलवाड़ी, जोरावरपुरा (पीथावास), जिलावड़ा, बड़ला खेड़ा, भवानीपुरा (खरवा), भावसा, अर्जुनपुरा, लक्ष्मीपुरा (कल्याणपुरा), पाखरियावास, बृजपुरा आदर्श, उदयपुर कलां, पारा आदर्श म., जालखेड़ा, चण्डाली का झोपडा, राजगढ़ आदर्श, गोवलिया, बानोला, सपनी खेडा आदर्श म., गुढा आदर्श, मानखंड, दयालपुरा, मोटालाव, सदारी, काचरिया, मोहनपुरा, रावला का बाडिया, जूनिया कॉलोनी, छोटी होकरा, अलीपुरा, रसूलपुरा, सागरमाला, घोलादांता देराडू, अलाम्बू, रायनगर, कोहडा, केरिया, रामगढ, नयागांव म., भैरूखेडा, दौलतपुरा द्वितीय, आडेडा म., जोगिया नाडा म., देवमण्ड, भैरूखेडा (मोयणा), काबरी चाट, देवखेडी, और भांडावास शामिल हैं।

admin - awaz rajasthan ki

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