कादेड़ा पंचायत में वीबी जी रामजी योजना में अनियमितता के आरोप, मेट पर पति का नाम मस्टरोल में दर्ज कराने का आरोप
कादेड़ा। वीबीजी रामजी ( VB G RAM G )योजना के तहत ग्राम पंचायत कादेड़ा में संचालित कार्यों को लेकर अनियमितता और पक्षपात के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि योजना में कार्यरत एक मेट ने अपने पति का नाम भी मस्टरोल में दर्ज कराकर योजना का लाभ दिलाया, जबकि वह दूसरी संस्था में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कादेड़ा में बीवीजी रामजी योजना के तहत वर्तमान में 91 श्रमिकों को रोजगार दिया जा रहा है। आरोप है कि योजना में मेट के रूप में कार्यरत संजू शर्मा ने अपने पति बलवीर शर्मा (जॉब कार्ड संख्या 2329) का नाम मस्टरोल संख्या 7542 में दर्ज कराया। संबंधित मस्टरोल कादेड़ा में बारह देवरिया बालाजी से कुमारी नाड़ी तक एनीकट खुदाई कार्य से जुड़ा बताया जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बलवीर शर्मा ग्राम पंचायत ख्वास क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समिति में सहायक व्यवस्थापक (संविदा) के रूप में कार्यरत हैं और नियमित रूप से अपनी सेवाएं देते रहे हैं। ऐसे में उनका नाम बीवीजी रामजी योजना के मस्टरोल में दर्ज होना तथा उपस्थिति दर्ज होना योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है। आरोप यह भी है कि मेट स्वयं अपने पति की उपस्थिति दर्ज कर रही थीं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि लगभग 4,500 जॉब कार्ड धारकों वाली ग्राम पंचायत कादेड़ा में केवल 91 श्रमिकों को ही रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जबकि कई पात्र एवं जरूरतमंद श्रमिकों को काम नहीं मिल सका। इससे योजना के संचालन में पक्षपात और मनमानी के आरोप लगाए जा रहे हैं।
जांच के बाद होगी कार्रवाई: पंचायत सचिव
ग्राम पंचायत कादेड़ा के सचिव सतपाल चौधरी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में फर्जीवाड़ा या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित मेट को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बलवीर शर्मा से भी बातचीत की गई है। उनका कहना है कि फिलहाल वह सहकारी संस्था नहीं जा रहे हैं। इस दावे की भी जांच की जा रही है।
सहकारी समिति ने कहा— नियमित कर्मचारी हैं
ग्राम सेवा सहकारी समिति ख्वास-कादेड़ा की व्यवस्थापक सुरेश कौर ने बताया कि बलवीर शर्मा समिति में सहायक व्यवस्थापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें प्रतिमाह 16 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है तथा उनकी उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज होती रही है। उन्होंने बताया कि बलवीर शर्मा ने एक जुलाई से निजी कार्य के कारण अवकाश लिया है और 11 जुलाई को पुनः कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी दी है।
मामले को लेकर शिकायतकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा योजना का लाभ वास्तविक पात्र श्रमिकों तक पहुंचाने की मांग की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।