अजमेर जिले की 10 में से 7 पंचायत समितियों में विकास अधिकारी के पद हो सकते हैं रिक्त, प्रशासनिक व्यवस्था पर बढ़ेगा दबाव
अजमेर जिले की 10 में से 7 पंचायत समितियों में विकास अधिकारी के पद हो सकते हैं रिक्त, प्रशासनिक व्यवस्था पर बढ़ेगा दबाव
अजमेर। अजमेर जिले में विकास अधिकारियों के तबादलों के बाद पंचायत समितियों में प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। जानकारी के अनुसार जिले की 10 पंचायत समितियों में कार्यरत चार विकास अधिकारी सोमवार को अपने नवीन पदस्थापन के लिए कार्यमुक्त (रिलीव) हो जाएंगे। वहीं भिनाय एवं पीसांगन पंचायत समितियों के लिए नियुक्त दो नए विकास अधिकारियों द्वारा अभी तक पदभार ग्रहण नहीं किए जाने को लेकर संशय बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार दोनों नव नियुक्त अधिकारी अपने तबादले निरस्त कराने के प्रयास में लगे हुए हैं। यदि उन्होंने समय पर पदभार ग्रहण नहीं किया तो जिले में विकास अधिकारी के रिक्त पदों की संख्या और बढ़ जाएगी।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए अजमेर ग्रामीण, श्रीनगर, पीसांगन, बड़ल्या, सरवाड़, सावर तथा भिनाय पंचायत समिति में विकास अधिकारी का पद रिक्त होने की संभावना है। ऐसे में जिले की 10 में से 7 पंचायत समितियां नियमित विकास अधिकारी से वंचित हो जाएंगी।
विकास अधिकारी पंचायत समिति के प्रशासन, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय कार्यों तथा ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़ी संख्या में पद रिक्त होने की स्थिति में विकास कार्यों की गति प्रभावित होने के साथ-साथ आमजन को भी प्रशासनिक असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नव नियुक्त अधिकारी कब तक पदभार ग्रहण करते हैं तथा रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग क्या कदम उठाता है।
— विजय कुमार पाराशर
संपादक, आवाज राजस्थान की
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